जियो 6G के लिए नहीं बिछाएगा नया नेटवर्क, सॉफ्टवेयर अपग्रेड से मिलेगी अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी: आकाश अंबानी
देशभर में 3.60 लाख से अधिक टावर और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क का दावा, 21 अक्टूबर से खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ
Babushahi Network
मुंबई: 15 October 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स अगली पीढ़ी की 6G कनेक्टिविटी शुरू करने के लिए नए भौतिक नेटवर्क ढांचे के बजाय सॉफ्टवेयर अपग्रेड की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक आकाश मुकेश अंबानी ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि जियो का मौजूदा नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी स्वदेशी तकनीक भविष्य में नई संचार तकनीक अपनाने के लिए तैयार है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकाश अंबानी ने कहा कि कंपनी का पहला उद्देश्य भारतीयों तक तकनीक की पहुंच आसान बनाना है। उन्होंने संकेत दिया कि 6G की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कंपनी अपने मौजूदा नेटवर्क और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल करेगी, जिससे नए भौतिक बुनियादी ढांचे पर निर्भरता कम रखी जा सके।
3.60 लाख से अधिक टावर और 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा फाइबर
आकाश अंबानी के अनुसार, जियो के पास देशभर में 3.60 लाख से अधिक टावर और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क है। कंपनी के पास व्यापक स्पेक्ट्रम संसाधन भी हैं, जिन्हें वह भविष्य की कनेक्टिविटी जरूरतों के लिए अहम मानती है। कंपनी ने 6 सितंबर को अपनी शुरुआत के दस वर्ष पूरे किए। आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो का ग्राहक आधार 53 करोड़ तक पहुंच चुका है और नेटवर्क भारत के कुल डिजिटल डेटा ट्रैफिक का 60 प्रतिशत से अधिक वहन करता है। उन्होंने बताया कि जियो के ग्राहकों की औसत मासिक डेटा खपत 43.7 जीबी है, जबकि औसत डाउनलोड स्पीड करीब 200 एमबीपीएस है। अंबानी ने दावा किया कि प्रति जीबी डेटा की औसत कीमत करीब 4.90 रुपये है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम दरों में शामिल है।
तीन साल में 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ राजस्व
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए आकाश अंबानी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जियो प्लेटफॉर्म्स का राजस्व लगभग 1.09 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस दौरान कंपनी ने 15.8 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की। कंपनी का ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ (EBITDA) 76,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में EBITDA मार्जिन 53.3 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा भी किया गया। अंबानी के अनुसार, कंपनी के राजस्व का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सीधे मुक्त नकदी प्रवाह में परिवर्तित होता है। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल डेटा ट्रैफिक में जियो की बड़ी हिस्सेदारी उसके वित्तीय प्रदर्शन का महत्वपूर्ण आधार है।
कारोबार बढ़ाने के चार प्रमुख क्षेत्र
आकाश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की विकास रणनीति के चार प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया—मोबिलिटी सेवाएं, होम ब्रॉडबैंड, उद्यमों के लिए डिजिटल सेवाएं और कंपनी की स्वदेशी तकनीक का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक इस्तेमाल। मोबिलिटी क्षेत्र में कंपनी का लक्ष्य लगभग 34 करोड़ संभावित उपयोगकर्ताओं तक पहुंचना है। इनमें करीब 10 करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं, जो पहली बार मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि 24 करोड़ संभावित ग्राहक पुराने 2G नेटवर्क से नई तकनीक की ओर स्थानांतरित हो सकते हैं। होम ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में जियो अपने कवरेज को मौजूदा तीन करोड़ घरों से बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुंचाने की योजना बना रही है।
फाइबर की बाधाओं से निपटने के लिए वायरलेस ब्रॉडबैंड
आकाश अंबानी ने बताया कि फाइबर बिछाने के लिए रास्ते और अन्य बुनियादी ढांचागत अनुमतियों से जुड़ी बाधाओं को कम करने के उद्देश्य से कंपनी ने अपना वायरलेस ब्रॉडबैंड समाधान विकसित किया है। यह बिना लाइसेंस वाले स्पेक्ट्रम बैंड पर काम करता है। कंपनी के अनुसार, उसके नए ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में लगभग 40 प्रतिशत योगदान इसी वायरलेस समाधान का है। इससे उन क्षेत्रों में सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिल सकती है, जहां भौतिक फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल या महंगा है। कंपनी अपनी तकनीक को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की भी तैयारी कर रही है। अंबानी ने बताया कि जियो की इंजीनियरिंग टीम ने 7,220 पेटेंट दाखिल किए हैं। कंपनी अपने संपूर्ण तकनीकी ढांचे के आधार पर दुनिया की अन्य दूरसंचार कंपनियों के साथ साझेदारी करना चाहती है, ताकि कम पूंजीगत खर्च में कारोबार का विस्तार किया जा सके।
21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा जियो का आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए प्रति इक्विटी शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। आईपीओ में निवेश के लिए आवेदन 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 अक्टूबर को निर्धारित है। कंपनी की योजना 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की है। एक्सचेंज में दाखिल जानकारी के अनुसार, पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक और पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं। कर्मचारी आरक्षण श्रेणी में आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी। आईपीओ में न्यूनतम बोली 12 शेयरों की होगी और इसके बाद 12 शेयरों के गुणकों में आवेदन किया जा सकेगा। जियो की 6G रणनीति, ब्रॉडबैंड विस्तार और तकनीक के अंतरराष्ट्रीय व्यावसायीकरण की योजनाएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही है। (SBP)
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