=पंजाब ब्यूरोक्रेसी जांच के दायरे में! CBI और ED ने कई विभागों से रिकार्ड किया तलब
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर, 2026: पंजाब की ब्यूरोक्रेसी इन दिनों सेंट्रल जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में है। सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर, अपॉइंटमेंट, टेंडर और पॉलिसी फैसलों में कथित भ्रष्टाचार और दखलअंदाजी से जुड़े मामलों की जांच कर रही सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने पंजाब सरकार के कई डिपार्टमेंट से ज़रूरी रिकॉर्ड मांगे हैं। दूसरी ओर, होशियारपुर जिले में कथित अवैध माइनिंग मामले की भी अलग से जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, खबर है कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के OSD राजबीर सिंह घुमन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इन अलग-अलग जांचों की वजह से राज्य के एडमिनिस्ट्रेटिव ढांचे में हलचल मच गई है। हालांकि, किसी अधिकारी के जांच के दायरे में आने या उसके रिकॉर्ड तलब करने का मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। संबंधित मामलों में हर व्यक्ति की भूमिका और जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही तय होगी।
कैश-फॉर-ट्रांसफर केस में कई डिपार्टमेंट से रिकॉर्ड मांगे गए
CBI ने तथाकथित ‘कैश-फॉर-ट्रांसफर’ केस में पंजाब सरकार से बड़ी मात्रा में सरकारी डॉक्यूमेंट मांगे हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी पदों पर अपॉइंटमेंट या ट्रांसफर पाने, पसंदीदा पॉलिसी फैसले लेने, टेंडर जीतने या दूसरे सरकारी कामों में कथित तौर पर पैसे या प्रभाव का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। इस केस में राजबीर सिंह घुमन समेत पांच और लोगों की जांच शामिल है। एजेंसी द्वारा मांगे गए डॉक्यूमेंट में ओरिजिनल नोट शीट, ड्राफ्ट फाइलें, सरकारी फैसलों से जुड़े पेपर और ट्रांसफर और अपॉइंटमेंट के रिकॉर्ड शामिल हैं।
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