हनी ट्रैप, नौकरी का झांसा और अब... पंजाब पुलिस ने खोला 'Digital Arrest' वाले इस नए Fraud का राज
Babushahi Bureau
साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) | 14 अगस्त, 2025 : साइबर अपराध के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, पंजाब पुलिस ने "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर चल रहे एक राष्ट्रव्यापी फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। पंजाब के डीजीपी और रूपनगर रेंज के डीआईजी के दिशा-निर्देशों के तहत, साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) की साइबर क्राइम पुलिस ने एसएसपी हरमनदीप हांस की निगरानी और डीएसपी रुपिंदरदीप कौर सोही के नेतृत्व में इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
क्या है 'डिजिटल अरेस्ट' और कैसे करते थे ठगी?
एसएसपी हरमनदीप सिंह हांस ने आज पत्रकारों को बताया कि "डिजिटल अरेस्ट" एक योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा साइबर क्राइम है। इसमें अपराधी फोन कॉल के जरिए खुद को पुलिस, सीबीआई या किसी अन्य जांच एजेंसी का सीनियर अधिकारी बताते हैं। वे पीड़ितों को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने का डर दिखाकर और "डिजिटल गिरफ्तारी" की धमकी देकर उनसे मोटी रकम वसूल लेते हैं।
देशभर में फैला था ठगी का जाल
पुलिस की जांच में सामने आया कि ये दो गिरोह देश भर के कई राज्यों में दर्जनों लोगों को अपना शिकार बना चुके थे और राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 92 करोड़ रुपये की रकम हड़प चुके थे।
1. गिरफ्तारी: पुलिस ने तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 2 आरोपी पहले से ही जेल में बंद हैं, जिन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा। फरार 2 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
2. केस की जानकारी: यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम (फेज-7) में दर्ज 2 अलग-अलग मामलों के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से मोहाली के पीड़ितों के साथ हुई लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी को ट्रेस किया गया है।
3. बेंगलुरु कनेक्शन: जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु में भी 12.50 करोड़ रुपये की डिजिटल गिरफ्तारी ठगी का एक मामला (FIR No. 995/2024) दर्ज है।
मोहाली साइबर पुलिस की 4 महीने की बड़ी उपलब्धियां
एसएसपी हांस ने बताया कि जिला साइबर क्राइम पुलिस ने पिछले 4 महीनों में कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं:
1. 6 अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर 41 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 7 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
2. इनके पास से 30 लैपटॉप, 159 मोबाइल फोन, 169 सिम कार्ड और 127 बैंक एटीएम कार्ड बरामद हुए।
3. एक हनी ट्रैप मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
4. रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिसने लगभग 25 लोगों को ठगा था।
5. विभिन्न मामलों में पीड़ितों को 4 करोड़ 12 लाख रुपये से ज्यादा वापस करवाए गए।
6. लगभग 2 करोड़ रुपये की ठगी को पैसा ट्रांसफर होने से पहले ही रोक दिया गया।
एसएसपी हरमनदीप हांस ने कहा, "यह कार्रवाई सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब पुलिस की अपने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम साइबर अपराधी गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने, पीड़ितों के पैसे वापस लाने और हर दोषी को कानून के दायरे में लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।"
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