Himachal Panchayat Election: हिमाचल में बजी पंचायत चुनाव की रणभेरी; 31,182 सीटों पर होंगे इलेक्शन, लागू हो गई आचार संहिता, तीन चरण में होगा मतदान
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 28 अप्रैल 2026 :
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव का आज एलान हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त अनिल खाची ने शेड्यूल तय कर दिया। प्रदेश की 3,754 पंचायतों में चुनाव होंगे। आनी और नग्गर की 2 पंचायतों का कार्यकाल 2027 में पूरा होने के कारण यहां अभी चुनाव नहीं होंगे। आदर्श चुनाव आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। पंचायत चुनाव में 50 लाख 79 हजार मतदाता मतदान करेंगे। पंचायत चुनाव तीन चरण में होंगे। 29 अप्रैल को अधिसूचना होगी। 7, 8 व 11 मई को नामांकन प्रक्रिया होगी। 12 मई को नामांकन जांच होगी। नाम वापस लेने का समय 14 व 15 मई को रहेगा। 26 मई को प्रथम चरण का मतदान, 28 मई को द्वितीय और 30 मई को तृतीय चरण का मतदान होगा।
प्रदेश में 5079048 मतदाताओं की संख्या है। इसमें पुरुष मतदाता 25,67,770, महिला मतदाता 2511249। प्रदेश में कुल 21,678 मतदान केंद्र स्थापित होंगे। प्रदेश में सबसे ऊंचाई वाला मतदान केंद्र 4587 मीटर में स्थापित किया गया है। इस बार पांच अलग अलग बेल्ट पेपर में वोट डाल सकेंगे। इसमें प्रधान के लिए हलका हरा बेलेट पेपर, उपप्रधान के लिए पीला बेलेट पेपर, पंचायत सदस्य को सफेद, पंचायत समिति को गुलाबी, जिला परिषद सदस्य के लिए हलका नीला बेलेट पेपर होगा। वहीं, मतदान के दिन वेतन के साथ अवकाश मिलेगा।
आचार संहिता लगने के बाद सरकार कोई भी नई घोषणा, नई भर्ती, नए टेंडर, ट्रांस, प्रमोशन, उद्घाटन-शिलान्यास इत्यादि नहीं कर पाएगी। प्रदेश की पंचायतों में करीब 51 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 50 हजार मतदाता भी शामिल हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल पंचायत चुनाव 31 मई से पहले करवाने के आदेश दे रखे हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने में जुटा हुआ है। इससे पहले शहरी निकाय चुनाव की घोषणा बीते सप्ताह कर दी गई है। 51 निकायों में 17 मई और 2 जगह 22 मई को मतदान होना है।
सरकारी सेवाओं से हटाया गया व्यक्ति नहीं लड़ सकता चुनाव
पंचायतों में सरकारी सेवाओं से हटाया गया व्यक्ति चुनाव लड़ने का हकदार नहीं होगा। अगर कोई व्यक्ति शिकायत करता है, उक्त व्यक्ति का नामांकन रद्द माना जाएगा।
सरकारी नौकरी वाले नहीं बन सकते एजेंट
सरकारी नौकरी में सेवारत कोई कर्मचारी किसी उम्मीदवार का एजेंट बनता है तो उसे तीन साल का कारावास हो सकता है। सरकारी नौकरी में तैनात कर्मचारी या अधिकारी एजेंट नहीं बन सकते हैं। इसके साथ ही प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से जिन्हें मानदेय मिलता है, वह पंचायतों के चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें पहले नौकरी छोड़नी होगी।
शैक्षणिक योग्यता भी नहीं
पंचायतीराज संस्थाओं में चुनाव लड़ने की शैक्षणिक योग्यता नहीं होगी। अनपढ़ व्यक्ति भी चुनाव लड़ने का हकदार होगा।
आदर्श आचार संहिता क्या है?
आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए निर्धारित किए गए मानकों का एक ऐसा समूह है जिसे राजनैतिक दलों की सहमति से तैयार किया गया है। आदर्श आचार संहिता में चुनाव आयोग की भूमिका अहम होती है। संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन संसद और राज्य विधानमंडलों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों का आयोजन चुनाव आयोग का सांविधानिक कर्तव्य है।
आदर्श आचार संहिता कितने दिनों तक लागू रहती है?
चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा की तारीख से इसे लागू किया जाता है और यह चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण होने तक लागू रहती है। (SBP)
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