मणिकर्ण क्षेत्र में 4,000 भांग के पौधे नष्ट, दो मामले दर्ज
पहले भी अवैध खेती के खिलाफ अभियान चला चुकी है कुल्लू पुलिस, इस बार थुचानी नाला और लपास में कार्रवाई
कुल्लू, 15 अक्टूबर 2026: कुल्लू जिले में भांग की अवैध खेती के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई तेज करते हुए मणिकर्ण थाना क्षेत्र में करीब 4,000 भांग के पौधों को नष्ट किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अवैध खेती का पता लगाया। दोनों मामलों में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इन स्थानों पर भांग की खेती की थी।
पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब कुल्लू जिले में भांग की अवैध खेती के खिलाफ पहले भी अभियान चलाए जाते रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों, जंगलों और दूरदराज की जमीन पर उगाए गए भांग के पौधों का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना रहता है। ऐसे में गश्त के दौरान अवैध खेती का पता लगाकर पौधों को नष्ट करने के साथ ही खेती करने वालों की पहचान करना भी जांच का अहम हिस्सा है।
थुचानी नाला के पास मिले करीब दो हजार पौधे
पहली कार्रवाई में पुलिस थाना मणिकर्ण के अंतर्गत पुलिस चौकी जरी की टीम ने गश्त के दौरान थुचानी नाला के समीप भांग की अवैध खेती का पता लगाया। मौके पर करीब 1,900 से 2,000 भांग के पौधे पाए गए। पुलिस टीम ने नियमानुसार इन पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि दुर्गम क्षेत्र में भांग की खेती किसने की थी और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका है। मामले में अभी तक किसी आरोपी की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी कार्रवाई में मणिकर्ण थाना पुलिस की टीम ने झीड़ी रा फॉरेस्ट के समीप लपास गांव में भांग की अवैध खेती पकड़ी। यहां करीब तीन बीघा भूमि पर लगभग 2,000 भांग के पौधे उगाए गए थे। पुलिस ने इन पौधों को भी नियमानुसार नष्ट कर दिया। दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई में कुल मिलाकर करीब 4,000 पौधों को नष्ट किया गया है। पुलिस ने दोनों मामलों को अलग-अलग दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
पहले भी अभियान चलाती रही है पुलिस
कुल्लू जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती के खिलाफ पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती रही है। ऐसे अभियानों का उद्देश्य केवल खेतों में उगाए गए पौधों को नष्ट करना ही नहीं, बल्कि अवैध खेती में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी है। मणिकर्ण क्षेत्र में सामने आए इन दोनों मामलों ने एक बार फिर दूरदराज के इलाकों में अवैध खेती की निगरानी की जरूरत को रेखांकित किया है। पुलिस की गश्त के दौरान ऐसे स्थानों का पता लगना अभियान की अहम कड़ी है। हालांकि, इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि पौधों को नष्ट करने के साथ-साथ उनके पीछे जिम्मेदार लोगों तक पहुंचना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
अज्ञात लोगों के खिलाफ दो अभियोग
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस थाना मणिकर्ण में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत दो अभियोग दर्ज किए गए हैं। अवैध भांग की खेती करने वाले व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अन्वेषण जारी है। अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इन स्थानों पर भांग की खेती किसने की थी और इसके लिए जमीन का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा रहा था। जांच के बाद ही आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा। (SBP)
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