Punjab News : बाढ़ के खतरे पर MLA राणा ने CM मान को चेताया, बोले- "अगर जल्द कुछ नहीं किया तो..."
Babushahi Bureau
चंडीगढ़ | 14 अगस्त, 2025 : पंजाब में बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है और सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सुल्तानपुर लोधी से विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने आज राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को तत्काल कार्रवाई के लिए चेताया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति विनाशकारी हो सकती है।
"खामियाजा सिर्फ पंजाब भुगतता है"
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक राणा ने सरकार को घेरते हुए कहा, "जब पड़ोसी राज्यों में बने बांधों का फायदा उन्हें मिलता है, तो भारी बारिश में पानी छोड़े जाने का खामियाजा सिर्फ पंजाब को बाढ़ के रूप में भुगतना पड़ता है।" उन्होंने बताया कि ब्यास, घग्गर, रावी और सतलुज नदियों के किनारे बसे 25 से 30 विधानसभा क्षेत्र सीधे तौर पर खतरे की जद में हैं।
खतरे के निशान के करीब बांध, फिर भी अनदेखी
राणा इंदर प्रताप ने आंकड़ों के साथ सरकार की तैयारियों की पोल खोली:
1. पोंग बांध: 4 अगस्त को जलस्तर 1,366 फीट था, जो अब बढ़कर 1,377.5 फीट हो गया है। यह 1,390 फीट के खतरे के निशान से बस कुछ ही कदम दूर है।
2. भाखड़ा बांध: यहां भी जलस्तर 1,650 फीट पर है, जो 1,680 फीट के खतरे के निशान से सिर्फ 30 फीट नीचे है।
3. हरिके बैराज: यहां 13 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, लेकिन सिर्फ 3 लाख क्यूसेक छोड़ा जा रहा है, जिसका मतलब है कि 7 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी रोका जा रहा है, जो कभी भी बड़ी तबाही ला सकता है।
अधिकारी और मंत्री नहीं ले रहे सुध
विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने सिंचाई मंत्री से लेकर विभाग के सचिव और मुख्य अभियंताओं तक, सबको इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया, लेकिन कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है और सब एक-दूसरे पर बात टाल रहे हैं।
उन्होंने सरकार की तैयारियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, "यह बेहद शर्मनाक है कि बाढ़ से लड़ने के लिए पूरे कपूरथला जिले के पास 5,000 रेत की बोरियां तक नहीं हैं। यह अधिकारियों की घोर लापरवाही और अक्षमता को दिखाता है।" उन्होंने मांग की कि सरकार बातें करने की बजाय तुरंत जमीनी स्तर पर कार्रवाई करे।
MA
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