मेरी दादी मां सरदारनी तेज कौर ग्रेवाल बंटवारे के समय रास्ते में चल बसी थीं, कांग्रेस कभी नहीं समझेगी यह दर्द – ग्रेवाल
लुधियाना: 14 अगस्त 2025- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सिख युवा नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, भूखड़ी कलां, ने आज कांग्रेस पार्टी और बंटवारे की त्रासदी में उसकी ऐतिहासिक भूमिका की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा, ओ कांग्रेस वालों, हमारा देश कभी माफ नहीं करेगा और कभी नहीं भूलेगा वह विश्वासघात जो आपने और आपके राजनीतिक पूर्वजों ने भारत के साथ किया। कांग्रेस की धोखेबाज़ी, नेहरू की सत्ता के लिए स्वार्थी लालच, और मुस्लिम लीग की ज़हरीली विभाजनकारी राजनीति, यही 1947 की खूनी त्रासदी के असली कारण थे।
ग्रेवाल ने कहा, लाखों निर्दोष हिंदू, सिख और अन्य भारतीय निर्दयता से मारे गए, बलात्कार के शिकार हुए, और अपने पुश्तैनी घरों से बेदखल कर दिए गए और इस अपराध पर कांग्रेस नेतृत्व की उंगलियों के निशान साफ़ नज़र आते हैं। आपने सत्ता की भूख मिटाने के लिए भारत की एकता को सौंप दिया और बेझिझक उन लोगों के साथ हाथ मिला लिया जो इस महान राष्ट्र को तोड़ना चाहते थे। यह सिर्फ़ एक काला अध्याय नहीं है, यह भारत की आत्मा के खिलाफ़ एक अक्षम्य पाप है।
अपने परिवार की त्रासदी को याद करते हुए ग्रेवाल ने कहा, गहरे दुःख और भरे मन से मैं अपनी आदरणीय दादी, सरदारनी तेज कौर ग्रेवाल को याद करता हूँ, जो बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से भारत आते हुए, खेमकरण में, रास्ते में ही हमें छोड़कर चली गईं। आज भी यह पीड़ा ताज़ा है की मैं, मेरे भाई-बहन कभी उनके हाथों की गर्माहट और गोद का सुकून महसूस नहीं कर पाए। यह ऐसा दुःख है जिसे कांग्रेस पार्टी के नेता कभी नहीं समझ सकते, वह संताप और हानि जो हमारे परिवारों ने उनके विश्वासघात के कारण बंटवारे में झेली है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी लगातार इतिहास को सफ़ेदपोश करने की कोशिश करती है, अपनी गुनाहों को छुपाती है और दूसरों पर दोष मढ़ती है, लेकिन सच खून में लिखा हुआ है। इस ‘बंटवारे की विभीषिका स्मृति दिवस’ पर हम कसम खाते हैं कि आने वाली पीढ़ियों को सच्चाई पता होगी कि आपके नेता, सत्ता के नशे में, हमारे लोगों की ज़िंदगियाँ राजनीतिक फ़ायदे के लिए बेच बैठे।
ग्रेवाल ने आगे कहा, हम आपको यह इतिहास मिटाने नहीं देंगे। जिनका नरसंहार हुआ, उनकी कुर्बानियाँ हमेशा याद रखी जाएँगी और कांग्रेस की शर्म हमेशा इस देश के इतिहास के पन्नों में दर्ज रहेगी।
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