International Kullu Dussehra 2025: कुल्लू के अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का शुभारंभ, देवमय हुई पूरी घाटी
बाबूशाही ब्यूरो
कुल्लू, 02 अक्टूबर 2025 : करीब एक माह तक प्राकृतिक आपदा झेलने के बाद गुरुवार शाम को अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ की भव्य रथ यात्रा के साथ ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में देवताओं का महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव शुरू हो गया है।
इस महापर्व के साक्षी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के साथ हजारों लोग बने। रथ मैदान में रथ यात्रा के दौरान करीब 100 देवी-देवता भी मौजूद रहे। भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साथ शुरू हुए इस उत्सव में करीब 300 से ज्यादा देवी-देवता शिरकत कर रहे हैं।
इनमें से बुधवार देर शाम तक 200 से अधिक देवी-देवता ढालपुर में अपने अस्थायी शिविरों में विराजमान हुए थे। इस बार दशहरा उत्सव समिति ने 332 देवी-देवताओं को न्योता दिया था।
भगवान रघुनाथ के सम्मान में दशहरा पर्व 365 वर्षों यानी 1660 ईसवी से मनाया जा रहा है। इसे देवताओं का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है, जहां स्थानीय परंपरा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलता है। ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में देवी-देवताओं की उपस्थिति से घाटी देवमयी हो गई है। अपने-अपने देवताओं के साथ देवलू नाचते-गाते ढालपुर पहुंचे। दिव्य देव मिलन आकर्षण का केंद्र बना।
रथ मैदान से भगवान रघुनाथ की रथयात्रा से महाकुंभ शुरू हुआ और पूरा ढालपुर देवलोक में तब्दील हो गया। इससे पहले 2:00 बजे भगवान रघुनाथ पुलिस के कड़े पहरे के बीच पालकी में सवार होकर अपने देवालय से ढालपुर रवाना हुए। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने और भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में जाकर आशीर्वाद लिया। सबसे दूर आनी-निरमंड क्षेत्र से 16 देवी-देवता 150 से 200 किलोमीटर की दूरी से उत्सव में शामिल होने कुल्लू पहुंचे हैं। वहीं, माता हिडिंबा भी पूरे लाव-लश्कर के साथ रामशिला और बिजली महादेव होते हुए सुल्तानपुर पहुंच गई हैं। (SBP)
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