केंद्र सरकार ने राज्यसभा MP सतनाम संधू को बनाया पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप का सदस्य, मिस्र (इजिप्ट) के साथ द्विपक्षीय संबंधों को करेंगे मजबूत
‘इंडिया-इजिप्ट फ्रेंडशिप ग्रुप’ के ज़रिए दुनिया की दो सबसे प्राचीन सभ्यताओं के बीच आपसी रिश्ते होंगे मज़बूत: सतनाम सिंह संधू, सांसद.
Delhi, 25 Feb 2026- राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू को केंद्र सरकार द्वारा भारत-इजिप्ट पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह ग्रुप दोनों देशों के बीच आपसी और संसदीय संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सांसद सतनाम सिंह संधू को मिस्र (इजिप्ट) के साथ पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप में नॉमिनेट करने की जानकारी लोकसभा सचिवालय (कॉन्फ्रेंस व प्रोटोकॉल ब्रांच) द्वारा 23 फरवरी 2026 को जारी एक आधिकारिक पत्र से दी गई। यह ग्रुप 18वीं लोकसभा की अवधि के लिए गठित किया गया है।
यह दूसरी बार है जब सांसद किसी अंतरराष्ट्रीय संसदीय समूह के सदस्य बने हैं। इस से पहले मई 2025 में भी राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारत की ज़ीरो टॉलरेंस नीति तथा विश्व को भारत के पक्ष से अवगत करवाने के लिए भेजे गए ऑल-पार्टी डेलीगेशन का भी हिस्सा थे जिन्होंने सऊदी अरब, अल्जीरिया, बहरीन तथा कुवैत का दौरा किया था। ऑपरेशन सिंदूर भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।
सांसद सतनाम सिंह संधू मई 2025 में वेटिकन सिटी में पोप लियो XIV के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले भारत के हाई-पावर्ड डेलीगेशन का भी हिस्सा थे। इस के अलावा वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए उच्च स्तरीय भारतीय डेलीगेशन का भी हिस्सा थे। यह डेलीगेशन दिसंबर 2024 में वेटिकन सिटी में होने वाले एक समारोह में पोप द्वारा मोनसिग्नोर जॉर्ज जैकब कूवाकड को कार्डिनल बनाए जाने के अवसर पर भेजा गया था।
अपनी नियुक्ति पर आभार व्यक्त करते सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा, “इंडिया-इजिप्ट (मिस्र) पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप का सदस्य चुने जाने पर अत्यंत सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। भारत और मिस्र दुनिया की दो सबसे प्राचीन सभ्यताएँ हैं जिनमें प्राचीन समय से ही गहरी और मज़बूत ऐतिहासिक साझ हैं।
अफ्रीकी महाद्वीप में मिस्र पारंपरिक रूप से भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है। डिफ़ेंस, ट्रेड, एनर्जी और टेक्नोलॉजी पर केंद्रित भारत–मिस्र डिप्लोमैटिक संबंध जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुँचे, जो 1997 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। आर्थिक क्षेत्र में इंडिया और इजिप्ट के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार लगभग 6 बिलियन डॉलर है, जिसके आनेवाले सालों में दोगुना होने की उम्मीद है क्योंकि मैन्युफ़ैक्चरिंग, इंफ़्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ हैं जिनका उपयोग नहीं किया गया है। वर्तमान में मिस्र (इजिप्ट) में भारतीय निवेश लगभग 5 बिलियन डॉलर है। दोनों देश द्विपक्षीय इकोनॉमिक कोऑपरेशन को और मज़बूत करने के लिए बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर विचार कर रहे हैं। मुझे यकीन है कि यह इंडिया-इजिप्ट पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगा।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के विरुद्ध सीमा-पार कार्रवाई को लेकर भारत का पक्ष रखने के लिए बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों को 20 से अधिक देशों में भेजने की पहल की। ऑपरेशन सिंदूर के तहत इस वैश्विक संपर्क अभियान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इससे यह स्पष्ट हुआ कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर भारत एक स्वर में बोलता है। केंद्र सरकार का इंडिया-इजिप्ट पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप बनाने का निर्णय भी इसी दिशा में एक अहम कदम है।”
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