Himachal Weather Update : हिमाचल के पांच जिलों में तीन दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, प्रदेश में इतने दिन बरसेंगे बादल
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला/कुल्लू: 28 जुलाई 2026 : हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून की बारिश तबाही मचा रही है। भारी बारिश से चंबा, शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन, कुल्लू और अन्य क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं।
चंबा में 12 से अधिक वाहन मलबे में दब गए। कई घरों में भी मलबा घुस गया। माैसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों में अलग-अलग दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला में बीती रात को झमाझम बारिश दर्ज की गई। मंगलवार शाम 6:00 बजे तक राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से 179 सड़कें बंद रहीं। 62 बिजली ट्रांसफार्मर व 59 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं।
28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान इन इलाकों में बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सक्रिय मानसून और अनुकूल मौसमी स्थितियों के कारण 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान राज्य के निचले पहाड़ी-मैदानी इलाकों और उनसे सटे मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों के ज्यादातर हिस्सों में और ऊंचे पहाड़ी इलाकों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की बहुत संभावना है। 28 से 30 जुलाई के दौरान निचली पहाड़ी-मैदानी और आसपास के मध्य पहाड़ी इलाकों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
वहीं, अगले 4-5 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इसके बाद, अगले 3-4 दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
किस जिले में कब भारी बारिश का अलर्ट
28 जुलाई को कांगड़ा व मंडी जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिले में कुछ जगहों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 29 जुलाई को सिरमौर में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि बिलासपुर, कांगड़ा व मंडी जिले के लिए येलो अलर्ट है। इसी तरह 30 जुलाई के लिए बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में कुछ जगहों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 31 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में येलो अलर्ट है। 1 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला के लिए येलो अलर्ट है।
कहां कितनी बारिश
बीते 24 घंटों के दाैरान चंबा जोत में 137.8, श्री नयना देवी 118.0, मुरारी देवी 83.0, घमरूर 58.2, शिमला 58.2, ब्राह्मणी 54.6, जोगिंद्रनगर 52.0, मालरांव बिलासपुर 47.0, ओलिंडा 44.0, हमीरपुर 43.0, आरएल बीबीएमबी 42.4, ऊना 45.2, नगरोटा सूरियां 42.2 व सैंज में 33.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कोटरोपी में नई सड़क धंसी, एनएच-154 पर यातायात ठप होने का खतरा
मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग 154 पर कोटरोपी के पास हाल ही में तैयार की गई नई सड़क अचानक धंसना शुरू हो गई है। इससे इस व्यस्त मार्ग पर भूस्खलन और यातायात पूरी तरह बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। एसडीएम पद्धर सुरजीत ठाकुर ने यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम न उठाएं और सुरक्षित यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। उन्होंने सभी से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
कैंची मोड़-नयना देवी मार्ग भूस्खलन से प्रभावित, चार घंटे आवाजाही रही ठप
बिलासपुर जिलें में हो रही मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। शक्तिपीठ श्री नयना देवी को कैंची मोड़ से जोड़ने वाली मुख्य सड़क सुबह के समय धारा, जनाली और पंचपौड़ा के पास हुए भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और चट्टानें सड़क पर आने से प्रशासन को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी।
इससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को लेकर सलाह जारी की है। इसमें श्रद्धालुओं और पर्यटकों से आनंदपुर साहिब-टोबा-नयना देवी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। उपायुक्त राहुल कुमार ने भी लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
लोक निर्माण विभाग की मशीनरी और कर्मचारी सुबह से ही सड़क बहाली में जुटे हैं। जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से लगातार मलबा हटाने का कार्य किया गया। जिले में बारिश का असर कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर भी देखने को मिल रहा है।
मेहला, समलेटू और बागछाल के पास पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण फोरलेन के कई हिस्से प्रभावित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से इन स्थानों पर देर शाम तक वाहनों की आवाजाही वन-वे रही। (SBP)
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