'अगर युवा ही नहीं बचेंगे, तो फसलें कैसे बचेंगी?' मोहनजीत सिंह शेरों ने अमित शाह के सामने पंजाब के ड्रग संकट का मुद्दा उठाया
बाबूशाही नेटवर्क
चंडीगढ़, 20 अक्टूबर, 2026: मोहनजीत सिंह शेरों ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ड्रग तस्करी, धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मामलों और परविंदर सिंह झोटा की मौत पर चिंता जताई, और पंजाब से जुड़े इन मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।
मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए शेरों ने बताया कि उन्होंने शाह को पंजाब में ड्रग्स की समस्या और राज्य के युवाओं को बचाने की जरूरत के बारे में बताया। उन्होंने आम लोगों की सुरक्षा पर भी चिंता जताई और बेअदबी के मामलों तथा झोटा की मौत के मामले में न्याय की मांग की।
'आज सबसे बड़ी जरूरत पंजाब के युवाओं को बचाने की है'
युवाओं और उनके परिवारों पर ड्रग्स के बुरे असर का जिक्र करते हुए, शेरों ने अवैध ड्रग कारोबार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इसमें 'चिट्टा' (पंजाब में हेरोइन के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) की बिक्री पर रोक लगाना भी शामिल है।
उन्होंने इस संकट पर राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाए और कहा कि युवाओं की जान जाने से उनके परिवारों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीतिक नेताओं की जवाबदेही तय करने की मांग की।
शेरों ने कहा, "अगर युवा ही नहीं बचेंगे, तो फसलें कैसे बचेंगी?" इस उदाहरण के जरिए उन्होंने पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के महत्व पर जोर दिया।
शेरों ने यह भी बताया कि शाह ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। हालांकि, किसी ठोस कार्रवाई या आश्वासन के बारे में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बेअदबी के मामलों में न्याय की मांग
शेरों ने धार्मिक ग्रंथों की कथित बेअदबी से जुड़े मामलों को भी उठाया। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि उन्होंने इन मामलों को अल्पसंख्यक आयोग और एक विशेष जांच दल (SIT) के सामने रखा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मामलों को बिना किसी राजनीतिक दखल के सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि लोगों को सुरक्षित महसूस करने की जरूरत है। परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में न्याय की मांग
परविंदर सिंह झोटा की मौत का जिक्र करते हुए, शेरों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई और कहा कि वे न्याय की उनकी मांग का समर्थन करेंगे।
उन्होंने लोगों से इस मामले में न्याय पाने के लिए एकजुट होने की अपील की। साथ ही, उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने को कहा।
इससे पहले नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आए थे
शेरों तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने अपने गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को काला झंडा दिखाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद उन्हें पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा।
शाह के साथ उनकी मुलाकात ने पंजाब में नशीले पदार्थों के संकट की ओर फिर से ध्यान खींचा है। इसके साथ ही, बेअदबी के मामलों में कार्रवाई और झोटा की मौत के मामले में न्याय की मांग भी उठ रही है।
इन आरोपों पर पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया और बैठक के दौरान दिए गए कथित आश्वासनों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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