Anurag Thakur's Birthday: अनुराग ठाकुर ने जन्मदिन पर खोला कर्मचारियों-पेंशनरों के बकाये का मोर्चा, खिलाड़ियों के हक पर भी सरकार को घेरा
8555 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान का किया जिक्र, बोले- 2018 से पदक विजेताओं को नहीं मिला प्रोत्साहन; हमीरपुर में 30 महिला खिलाड़ियों का सम्मान, रक्तदान शिविर में जुटीं 52 यूनिट
बाबूशाही ब्यूरो
हमीरपुर : 24 October 2026 : अपना 51वां जन्मदिन मनाने हमीरपुर पहुंचे भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कर्मचारियों, पेंशनरों और खिलाड़ियों के मुद्दों पर प्रदेश की सुक्खू सरकार को घेरा। प्रदेश में आर्थिक संसाधनों और कर्मचारियों के वित्तीय लाभों को लेकर चल रही बहस के बीच अनुराग ठाकुर ने लंबित देनदारियों का सवाल उठाते हुए सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा।
24 अक्तूबर को हमीरपुर के गांधी चौक और समीरपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगें कई वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिन आर्थिक लाभों में बढ़ोतरी की गई थी, वे भी कर्मचारियों को नहीं मिले। अनुराग ने कहा कि प्रदेश सरकार को चार साल होने जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों के मुद्दे अब भी बने हुए हैं।
8555 करोड़ के बकाये का जिक्र, डीए पर भी कसा तंज
अनुराग ठाकुर ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों का उल्लेख करते हुए 8555 करोड़ रुपये की राशि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारियों का यह मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों को पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने के फैसले पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'देर आए दुरुस्त आए, कुछ तो दिया।'
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने एक तरफ डीए देने के फैसले को स्वीकार किया, तो दूसरी तरफ कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
हालांकि, 8555 करोड़ रुपये के आंकड़े के संदर्भ में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह अनुराग ठाकुर की ओर से दिया गया दावा है। इसमें शामिल देनदारियों का मदवार ब्योरा और मौजूदा आधिकारिक स्थिति अलग से सामने आना जरूरी है।
खिलाड़ियों के सम्मान पर सवाल, 2018 से लंबित प्रोत्साहन राशि का मुद्दा
कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों के आर्थिक हितों को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर हिमाचल का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को उनके हक नहीं मिले हैं। उन्होंने वर्ष 2018 से 2026 तक प्रोत्साहन राशि लंबित रहने का मुद्दा उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री ने प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को मिलने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पदक विजेता खिलाड़ियों की लंबित प्रोत्साहन राशि जारी करने की मांग करते हुए खेल सुविधाओं की कमी, प्रशिक्षित कोच की नियुक्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
जन्मदिन समारोह में 30 महिला खिलाड़ियों का सम्मान
राजनीतिक हमले के बीच अनुराग ठाकुर के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर रहा।
हमीरपुर के गांधी चौक पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाली 30 महिला खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए युवाओं को खेलों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जन्मदिन के अवसर पर समीरपुर रेस्ट हाउस में रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में कुल 52 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
कार्यक्रमों में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। सुंदरकांड पाठ के बाद कन्या पूजन किया गया। नौ कन्याओं को स्कूल बैग के साथ शैक्षणिक और खाद्य सामग्री भेंट की गई। सुजानपुर स्थित अनाथ आश्रम के 12 बच्चों को भी शिक्षा सामग्री वितरित की गई।
पांच बार सांसद बनाने वाली जनता का जताया आभार
अनुराग ठाकुर ने अपने जन्मदिन पर हमीरपुर की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें पांच बार जीताकर लोकसभा भेजा है और वह आगे भी जनता की सेवा करते रहेंगे।
गांधी चौक पर भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, विधायक आशीष शर्मा और पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री सहित पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर की अगुवाई में अनुराग ठाकुर को तलवार, शॉल और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।
राजनीतिक संदेश से आगे, अब जवाबदेही का सवाल
अनुराग ठाकुर के जन्मदिन पर उठे मुद्दे हिमाचल की राजनीति में कर्मचारियों, पेंशनरों और खिलाड़ियों से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में लाते हैं।
एक ओर प्रदेश सरकार के सामने वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन और विभिन्न देनदारियों के भुगतान की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के आर्थिक लाभों और खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि जैसे विषय सीधे तौर पर हजारों परिवारों की अपेक्षाओं से जुड़े हैं।
ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से इतर कुछ सवाल अहम हैं। कर्मचारियों और पेंशनरों की कुल लंबित देनदारियां कितनी हैं? पांच प्रतिशत डीए के फैसले के बाद भुगतान की वास्तविक स्थिति क्या है? पदक विजेता खिलाड़ियों की कितनी प्रोत्साहन राशि लंबित है और इसके भुगतान की समयसीमा क्या होगी?
इन सवालों पर सरकार की ओर से मदवार आंकड़ों और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, अनुराग ठाकुर ने अपने जन्मदिन के कार्यक्रम को कर्मचारियों, पेंशनरों और खिलाड़ियों के मुद्दों पर सरकार को घेरने के राजनीतिक अवसर के रूप में इस्तेमाल किया। (SBP)
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