काशी में क्वांटम लीप: डॉ. इंद्रजीत कौर ने BHU में प्राचीन वास्तु को आधुनिक भौतिकी से जोड़ा
Babushahi Bureau
वाराणसी, 17 अक्टूबर, 2025
शिक्षा की दुनिया में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का नाम एक प्रकाश स्तंभ की तरह है। इसी प्रतिष्ठित संस्थान में डॉ. इंद्रजीत कौर ने अपनी नई शोध पुस्तक, "क्वांटम वास्तु: ब्रिजिंग एंशिएंट डिजाइन्स विद मॉडर्न फिजिक्स" (Quantum Vastu: Bridging Ancient Designs with Modern Physics), को प्रस्तुत कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह किताब प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र को आधुनिक क्वांटम भौतिकी के सिद्धांतों से जोड़ती है।
एक विद्वान का सपना हुआ साकार
डॉ. इंद्रजीत कौर के लिए BHU में अध्ययन करना एक सपना था, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक और भी बड़े अवसर के साथ इस पवित्र परिसर में पहुंचाया। उन्होंने कहा, "मैं वहां पढ़ तो नहीं सकी, लेकिन श्री काशी विश्वनाथ जी के आशीर्वाद से वहां जाकर कुछ सीखने की मेरी इच्छा एक बहुत बड़े रूप में पूरी हुई।"
BHU के ज्योतिष, वास्तु और चिकित्सा ज्योतिष संकाय के विद्वानों और शोधार्थियों के सामने अपनी पुस्तक का विमोचन करना डॉ. कौर के लिए "संतुष्टि और पूर्णता" का अनुभव था। उन्होंने इस अवसर पर दुनिया भर के विद्वानों के साथ मंच साझा करते हुए पुस्तक पर आधारित अपना शोध पत्र भी प्रस्तुत किया।
क्या है 'क्वांटम वास्तु'?
डॉ. कौर का मानना है कि प्राचीन ज्ञान को वैश्विक स्तर पर समझाने के लिए एक आधुनिक ढांचे की जरूरत है। उन्होंने समझाया, "हम वेदों में लिखे वास्तु के सिद्धांतों को समझते हैं, लेकिन इन्हें विश्व स्तर पर ले जाने के लिए ताकि हर कोई इन्हें समझ सके, हमें मूल स्तर पर भौतिकी (Physics) के संदर्भ में बात करने की जरूरत है।"
उनका शोध वास्तु के हर सिद्धांत पर क्वांटम भौतिकी (Quantum Physics) के नियमों को लागू करता है, जिससे यह सदियों पुरानी विधा एक वैश्विक दर्शक वर्ग के लिए सुलभ और सत्यापन योग्य बन जाती है। डॉ. कौर के अनुसार, यह ब्रह्मांड के छिपे हुए कोड को पढ़ने की एक दृष्टि है।
यह अभूतपूर्व पुस्तक वर्तमान में किंडल (Kindle) और अमेज़न (Amazon) पर उपलब्ध है।
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