आप सरकार की तथाकथित “शिक्षा क्रांति” उसके अपने ही फैसलों से पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां
लुधियाना, 4 जुलाई 2026: आज लुधियाना दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित गुरु नानक इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक बैठक के दौरान राष्ट्रीय भाजपा नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में लगाए जाने को लेकर सरकार की दोहरी नीति, कथनी और करनी के अंतर तथा प्रशासनिक विफलता की कड़े शब्दों में निंदा की।
ग्रेवाल ने अपने सोशल मीडिया मंचों विशेषकर X पर लिखा कि पंजाब सरकार जिस तथाकथित “शिक्षा क्रांति” का बार-बार दावा करती रही है वह अब उसके अपने ही आधिकारिक निर्णयों से पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को कक्षाओं से हटाकर गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है। इससे वही शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है जिसे मजबूत बनाने का दावा किया जा रहा है।
ग्रेवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार अनेक सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सोमवार 6 जुलाई 2026 को ड्रग एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की ड्यूटी के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों की तैनाती से यह गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है कि विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, अनेक कक्षाएं शिक्षकों से वंचित रह सकती हैं तथा हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रेवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब के लोगों से बार-बार वादा किया था कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जाएगा और उन्हें केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए समर्पित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की वर्तमान कार्रवाई उसके अपने ही सार्वजनिक वादों के बिल्कुल विपरीत है।
ग्रेवाल ने कहा कि उनके विचार में यह शिक्षा क्रांति नहीं बल्कि शिक्षा के साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी शिक्षक को कक्षा से हटाकर प्रशासनिक कार्य में लगाया जाता है तब विद्यार्थियों से उनके सीखने का बहुमूल्य समय छीन लिया जाता है और सरकारी शिक्षा व्यवस्था की नींव कमजोर होती है।
उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक नुकसान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों को होगा जिनका भविष्य पूरी तरह सरकारी स्कूलों पर निर्भर है। संपन्न परिवार अपने बच्चों को निजी विद्यालयों और निजी ट्यूशन की सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं होता। ग्रेवाल ने कहा कि यदि कोई भी कक्षा शिक्षक के बिना रह जाती है तो यह उन विद्यार्थियों के साथ सीधा अन्याय है जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर के अधिकारी हैं।
ग्रेवाल ने आगे कहा कि कोई भी सरकार एक ओर शिक्षा सुधारों का दावा नहीं कर सकती और दूसरी ओर बार-बार शिक्षकों को कक्षाओं से हटाकर अन्य सरकारी कार्यों में नहीं लगा सकती। उन्होंने कहा कि सरकारें शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चुनी जाती हैं, न कि शिक्षकों को हर नई सरकारी योजना के लिए प्रशासनिक कर्मचारी बना देने के लिए।
ग्रेवाल ने कहा कि विज्ञापन, प्रचार अभियान और राजनीतिक नारे पंजाब के बच्चों को शिक्षा नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की वास्तविक सफलता का पैमाना विद्यालयों में नियमित शिक्षण, बेहतर शैक्षणिक परिणाम तथा अभिभावकों और विद्यार्थियों से किए गए वादों को पूरा करने में निहित होता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब प्रचार और सुशासन के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है। जनता सरकार का मूल्यांकन महंगे विज्ञापनों से नहीं बल्कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति, कक्षाओं में शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आधार पर करेगी।
ग्रेवाल ने पंजाब सरकार से मांग की कि जहां कहीं भी गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है वहां शिक्षकों की ऐसी तैनाती की तत्काल समीक्षा की जाए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा शिक्षकों से वही कार्य लिया जाए जिसके लिए उनकी नियुक्ति की गई है।
ग्रेवाल ने कहा कि वह तथा भाजपा पंजाब, सरकार की उस विफलता की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं जिसे वह कक्षा आधारित शिक्षा की रक्षा करने में असफलता मानते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब ईमानदार शासन, जवाबदेह प्रशासन और ऐसी शिक्षा व्यवस्था का हकदार है जिसमें शिक्षक कक्षाओं में रहकर विद्यार्थियों को पढ़ाएं, न कि उन्हें बार-बार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता हर सरकार को उसके वादों और उसके कार्यों के आधार पर जवाबदेह ठहराएगी।