अरविंद केजरीवाल नेता नहीं बल्कि “वसूली भाई” हैं, पंजाबियों को उनके झूठे वादों और राजनीतिक छलावे से सावधान रहना चाहिए: सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल
लुधियाना (शिमलापुरी), 6 जून 2026: आज लुधियाना दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान राष्ट्रीय भाजपा नेता एवं अधिवक्ता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों को अत्यंत सतर्क रहने की आवश्यकता है और उन्हें एक बार फिर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के भ्रामक वादों, भावनात्मक नाटकों और छलपूर्ण राजनीति का शिकार नहीं बनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 काल के दौरान दिल्ली के कई निजी विद्यालयों ने आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे अभिभावकों को फीस में छूट तथा अस्थायी राहत देने की घोषणाएँ की थीं। किंतु महामारी समाप्त होने के बाद उन्हीं विद्यालयों ने बकाया राशि तथा अतिरिक्त शुल्क के रूप में पूरी रकम अभिभावकों से वसूल कर ली, जिससे केजरीवाल सरकार के बहुचर्चित दावों की वास्तविकता उजागर हो गई।
ग्रेवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कैमरों और माइक्रोफोनों के सामने आकर्षक घोषणाएँ करने की कला में निपुण हैं, किंतु उन घोषणाओं का वास्तविक बोझ अंततः आम नागरिकों पर ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल कोई नेता नहीं बल्कि एक “वसूली भाई” हैं, जिनकी राजनीति प्रचार, भ्रम और अंततः आम जनता से उसकी कीमत वसूलने के इर्द-गिर्द घूमती है।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों को नारों और खोखले भाषणों से प्रभावित होने के बजाय तथाकथित दिल्ली मॉडल की वास्तविकता का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को जनता को गुमराह करने का एक और अवसर दिया गया, तो दिल्ली में देखा गया वही पैटर्न पंजाब में भी दोहराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी बहादुर, समझदार और राजनीतिक रूप से जागरूक लोग हैं, जिन्हें विज्ञापनों और कृत्रिम रूप से गढ़े गए नैरेटिव के माध्यम से हमेशा के लिए भ्रमित नहीं किया जा सकता। आम आदमी पार्टी सरकार की अक्षमता, अहंकार और गलत प्राथमिकताओं के कारण पंजाब पहले ही पर्याप्त नुकसान झेल चुका है।
ग्रेवाल ने कहा कि केजरीवाल की राजनीति भ्रम पैदा करने, अव्यावहारिक वादे करने और बाद में उसका बोझ आम परिवारों के कंधों पर डालने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना चाहिए कि मुफ्त सुविधाएँ और आकर्षक घोषणाएँ उदारता का प्रतीक नहीं, बल्कि राजनीतिक निवेश होती हैं, जिनकी कीमत किसी न किसी रूप में अंततः जनता से ही वसूली जाती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता से उनकी विनम्र और ईमानदार अपील है कि वे झूठे वादों और भावनात्मक भाषणों के जाल में न फँसें। यदि अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों को अधिक शक्ति के साथ सत्ता में बने रहने या पुनः लौटने का अवसर दिया गया, तो पंजाब में भी घोषणाओं के बाद वसूली, अतिरिक्त शुल्क और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ का वही चक्र देखने को मिल सकता है।
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब ईमानदार शासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और ऐसी नीतियों का अधिकारी है जो वास्तव में लोगों को सशक्त बनाएं, न कि राजनीतिक लाभ के लिए उनका शोषण करें। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को छल और धोखे की राजनीति को अस्वीकार कर सत्य, उत्तरदायित्व तथा राज्य और राष्ट्र के दीर्घकालिक हितों के पक्ष में मजबूती से खड़ा होना चाहिए।