Himachal Panchayat Election: हिमाचल प्रदेश में 128 पंचायतें निर्विरोध चुनीं, मिलेंगे 25-25 लाख रुपये
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 16 मई 2026 : हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले 128 पंचायतों को निर्विरोध चुन लिया गया है। इन पंचायतों को 25-25 लाख रुपये मिलेंगे। शुक्रवार को नाम वापसी के अंतिम एक ओर जहां उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई। अब तक के सामने आए आंकड़े में शिमला में सबसे अधिक 42 पंचायतों को निर्विरोध चुन लिया गया है। इसके अलावा सिरमौर जिले में 28, सोलन में 12, और किन्नौर जिले से 18 पंचायतों को चुनने का आंकड़ा सामने आया है।
बिलासपुर जिले में केवल एक ही पंचायत को निर्विरोध चुना गया है। इसके अलावा निचले हिमाचल से 27 पंचायतें आपसी सहमति से निर्विरोध निर्वाचित हुईं हैं।
लाहौल-स्पीति में 17 पंचायतें शामिल
इनमें सबसे अधिक लाहौल-स्पीति में 17 पंचायतें शामिल हैं। लाहौल में 8, स्पीति में 9, कुल्लू में 3, चंबा में एक, मंडी में एक, कांगड़ा में एक और ऊना में 5 पंचायतों में सहमति बनी है। कुल्लू जिले में न्योली, शियाह और आनी ब्लॉक की एक पंचायत को निर्विरोध चुना है।
चंबा जिले के विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत करवाल, मंडी जिले के विकास खंड चौंतड़ा की गोलंवा पंचायत निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुई है। इसी तरह ऊना जिले की पांच पंचायतों निचला पंडोगा, जखेवाल, बोहरू और ग्राम पंचायत उदयपुर में प्रधान, उपप्रधान और पंच प्रतिनिधियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। ऊना की पूना बीनेबाल पंचायत भी सर्वसम्मति से चुनी गई है। कांगड़ा जिले के परागपुर ब्लाॅक की बगली पंचायत निर्विरोध निर्वाचित हुई है।
चूल्हा-चौका छोड़ चुनाव प्रचार में जुटीं महिलाएं
पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। इस बार महिला प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके समर्थन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी प्रचार अभियान में सक्रिय नजर आ रही हैं। घर के कामकाज और चूल्हा-चौका छोड़ महिलाएं घर-घर जाकर अपने उम्मीदवारों के पक्ष में वोट मांग रही हैं। पंचायतों में 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण कई स्थानों पर महिलाएं स्वयं चुनाव मैदान में हैं, जबकि कई जगह पति और बेटों की जीत सुनिश्चित करने के लिए भी महिलाएं प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। गांवों में महिला टोलियां घर-घर दस्तक देकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही हैं।
चुनावी प्रचार में सोशल मीडिया के अलावा पोस्टर, बैनर और नारों का भी खूब इस्तेमाल हो रहा है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। दोपहर के समय भीषण गर्मी के बावजूद चुनाव प्रचार जारी है और बाजारों से लेकर गांवों तक चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एआरओ से नामांकन वापसी का प्रपत्र छीन कर भागा प्रत्याशी
वहीं, रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र की खालाक्यार पंचायत में शुक्रवार को नामांकन वापिस लेने के दौरान एक बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। उपप्रधान पद का एक उम्मीदवार नामांकन वापिस लेने के आवेदन (प्रपत्र ) को एआरओ से छीन कर भाग गया। एआरओ ने तुरंत इसकी सूचना निर्वाचन अधिकारी एवं बीडीओ ददाहू को दी। बीडीओ के आदेश पर एआरओ ने शुक्रवार देर रात को रेणुका थाने में पहुंच कर उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। ज्ञात हुआ है कि ददाहू के साथ सटी खालाक्यार पंचायत में उपप्रधान पद के चार उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इनमें से शुक्रवार को तीन उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापिस ले लिया। अकेले उम्मीदवार को मैदान में रहते देख उन तीन उम्मीदवारों में से एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापिस लेने के कुछ देर बाद ही अपना नामांकन एआरओ से छीन कर फरार हो गया।
इस कारण खालाक्यार पंचायत में नामांकन वापिस लेने की कार्यवाही को रोक कर रखा गया जिस कारण पूरे ब्लॉक में ही प्रत्याशियों की नामांकन वापिसी की गणना का आंकलन भी देर रात तक थमा रहा। निर्वाचन अधिकारी एवं बीडीओ ददाहू दर्शन लाल पुंडीर ने बताया कि खालाक्यार पंचायत में स्थित एआरओ से एक प्रत्याशी द्वारा नामांकन प्रपत्र छीन कर भाग जाने की सूचना प्राप्त हुई है। मौके पर जाकर जांच करने के उपरांत एआरओ को संबंधित प्रत्याशी के विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करने को भेजा गया है। इस बारे में विभागीय कार्रवाई के साथ साथ विस्तृत जानकारी एकत्रित की जा रही है।
शिमला की 42 पंचायतें निर्विरोध
जिला शिमला की 42 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुन ली गई हैं। इस बार करीब 9.52 प्रतिशत पंचायतों में बिना चुनाव के ही प्रतिनिधि चुन लिए गए। जबकि दूसरी ओर पिछले चुनाव में 19 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई थीं। जिला पंचायत अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिला के चौपाल विकास खंड में सबसे अधिक 10 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं।
इनमें खद्दर, बिजमल, कुताह, क्यारी (शिलान), बघार (चौकी), सराहन, पंदराडा, जवाग चमरोग, लछोग और बोहर पंचायत शामिल हैं। इसके अलावा छोहारा विकास खंड की सात पंचायतें भी निर्विरोध चुनी गई हैं, जिनमें अम्बोई, खरशाली, धमवाड़ी, दियुड़ी-मायला, पेखा, रनोल और थाना पंचायत शामिल हैं। ठियोग विकास खंड में भी सात पंचायतें निर्विरोध रहीं। इनमें बलग, रौनी मतियाना, भोगड़ा-पल्ली, घूंड, क्यारा, ग्वाही देवी मोड़ और मुंडू पंचायतें शामिल हैं। रोहड़ू विकास खंड में पांच पंचायत करचरी, पुजारली-3, जगोठी, मुंचारा और अंतापु-बताड़ी पंचायतों में सर्वसम्मति बनी है।
इसके अलावा बसंतपुर ब्लॉक में मंडयालु, हिमरी, रामपुर ब्लॉक में बढ़ाल, कूट, कोटखाई ब्लॉक में गुम्मा, थरोला व घुंड भड़ेच , कुपवी में चुरयाना डाक शरड़, मालत व बाग धमराह, जुब्बल ब्लॉक में भोलाड़, ननखड़ी ब्लॉक में शोली और नारकंडा ब्लॉक में शलोंथा पंचायत निर्विरोध चुनी गई है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आपसी सौहार्द और सहमति की मिसाल माना जा रहा है। (SBP)
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