Himachal: Kangra News : जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य, नियमों की अवहेलना पर होगी सख्त कार्रवाई: डीसी हेमराज बैरवा
बाबूशाही ब्यूरो
धर्मशाला, 7 अगस्त: 2026 : उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम- 2026 लागू किए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य प्रदेश में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है।
यह जानकारी उन्होेंने उपायुक्त कार्यालय मेे निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम के तहत गठित जिला स्तरीय कमेटी के सभी हितधारकों की बैठक के दौरान दी।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में संचालित सभी ऐसे निजी कोचिंग संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक विद्यार्थी कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, उनका निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप (फार्मेट) में आवेदन करना होगा। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को नियमानुसार पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि पंजीकरण शुल्क 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है तथा पंजीकरण की वैधता तीन वर्ष होगी। इसके उपरांत 25 हजार रुपये शुल्क जमा करवाकर पंजीकरण का नवीनीकरण कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्थान में निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप कोई कमी पाई जाती है तो उसे सुधार के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी कमियां दूर नहीं की जाती हैं तो ऐसे संस्थान का पंजीकरण नहीं किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार उसे बंद करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
हेमराज बैरवा ने कहा कि ये नियम माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले में संचालित कोई भी पात्र निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण से वंचित न रहे।
इस संबंध में सभी उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं ताकि प्रत्येक संस्थान तक इन नियमों की जानकारी पहुंचे और समयबद्ध रूप से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि नियमों के अनुसार प्रत्येक कोचिंग संस्थान में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्थान, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण, अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) मानकों का पालन, आपातकालीन व्यवस्थाएं तथा विद्यार्थियों के मानसिक तनाव से निपटने के लिए काउंसलिंग की सुविधा जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन इन सभी प्रावधानों के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा।
उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति प्रत्येक तिमाही बैठक आयोजित कर संस्थानों के अनुपालन की समीक्षा करेगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन या किसी प्रकार की कमी पाई जाएगी, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने जिले के सभी निजी कोचिंग संस्थानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करते हुए समय पर अपना पंजीकरण करवाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं मानक आधारित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि संबंधित संस्थान पंजीकरण के आवेदन प्रस्तुत करने के लिए नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा से सम्पर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, उप निदेशक उच्च शिक्षा अजय संबयाल, नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा सुधीर भाटिया, आईटीआई धर्मशाला के प्रधानाचार्य मनीष कुमार राणा, राजकीय काॅलेज धर्मशाला के प्रधानाचार्य राकेश पठानिया, नगर निगम धर्मशाला से राजेन्द्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग से डाॅ. दीपिका, महिला एवं बाल विकास विभाग से रमेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। (SBP)
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