सीसीटी, सीजीसी लांडरां, मोहाली ने ‘पहल – आइडियाथॉन फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर’ का आयोजन किया
चंडीगढ़, 23 फरवरी, 2026: चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (सीसीटी), सीजीसी लांडरां के बॉयोटेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ने पंजाब स्टेट कॉउंसिल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पीएससीएसटी) के एनवायरनमेंट एजुकेशन प्रोग्राम के अंतर्गत ‘पहल – आइडियाथॉन फॉर अ सस्टेनेबल फ्यूचर’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ़ एनवायरनमेंट, फारेस्ट और और क्लाइमेट चेंज के सहयोग से आयोजित किया गया। इंजीनियर प्रीतपाल सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, पीएससीएसटी चंडीगढ़ ने चीफ गेस्ट के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उनके साथ गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में डॉ. के. एस. बाथ, जॉइंट डायरेक्टर, साइंस एंड एनवायरनमेंट आउटरीच डीवीज़न, पीएससीएसटी उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर तथा डॉ. पलकी साहिब कौर, डायरेक्टर - प्रिंसिपल, सीसीटी, सीजीसी लांडरां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।आइडियाथॉन में पंजाब भर के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने वाली 100 से अधिक टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें से 28 टीमों को कठोर दो-लेवल स्क्रीनिंग प्रोसेस के बाद शॉर्टलिस्ट किया गया, ताकि वे गंभीर एनवायर्नमेंटल चैलेंजेज का समाधान प्रस्तुत करने वाले अपने इनोवेटिव और सस्टेनेबल विचारों को प्रस्तुत कर सकें। उनके विचारों का मूल्यांकन अकादमिक और इंडस्ट्री फील्ड के प्रतिष्ठित पैनल ऑफ़ जूरी द्वारा किया गया, जिनमें विनीत अरोड़ा, एमडी एवं फाउंडर, नोविक लाइफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड, कुलविंदर सिंह, फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, एवॉक्स ग्रुप, अनिल अग्रवाल, सीओओ, एंड स्विफ्ट लैबोरेटरीज़ लिमिटेड, आलोक, एचआर हेड, नेस्ले इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मिस मनमीत माथुर, एसोसिएट डायरेक्टर, रिसर्च एंड हेल्थ कंसल्टेंसी कंपनी तथा अंकुश गवरी, मैनेजर (आईपी एवं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर), इंडोवेशन सेंटर चंडीगढ़, एआइसीटीइ (एमओई) शामिल थे। समापन समारोह के दौरान अंकुश गवरी ने ‘युक्टि पोर्टल पर एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया और विचारों को किस प्रकार आगे बढ़ाकर विस्तारित किया जा सकता है, इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। अंतिम समारोह में विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा कुल ₹1,30,000/- तक की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। विजेताओं की केटेगरी में ‘सिंगल यूज़ प्लास्टिक को कम करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ ‘ केटेगरी में विजेता रहे, टीम सिंचित, सीइसी - सीजीसी लांडरां के दीपांशु ने पहला पुरस्कार प्राप्त किया। आईएसएफ कॉलेज, मोगा की डॉल्वी द्वारा प्रस्तुत ‘प्रोजेक्ट पर्सनल रिफिल कार्ड सिस्टम’ ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि सीजीसी लांडरां के राइज़ डिपार्टमेंट की सोनिया जिंदल ने अपने प्रोजेक्ट ‘एफएबीइट’ (फैबइट) के लिए तीसरा स्थान प्राप्त किया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, रोपड़ की ट्विंकल ने अपनी नवाचार पहल ‘पराली टू पैकेजिंग’ के लिए सांत्वना पुरस्कार जीता। ‘कचरा कम करें और ऊर्जा बचाएँ’ केटेगरी में विजेताओं में सीसीटी, सीजीसी लांडरां की टीम मेरिटैग शामिल रही, जिसने अपने फ्लोरल वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए पहला पुरस्कार प्राप्त किया। माता गुजरी कॉलेज, श्री फतेहगढ़ साहिब की जशनप्रीत और गुरजोत कौर ने ‘सस्टेनेबल वाशिंग मशीन्स विद बॉयोफिलटर टेक्नोलोजी’ के आईडिया प्रस्तुत कर दूसरा स्थान हासिल किया। दीपांशी शर्मा ने अपने इनोवेटिव पैकेजिंग आईडिया ‘मायको-मैजिंग’ के लिए तीसरा पुरस्कार जीता। सीसीटी, सीजीसी लांडरां की नवजोत कौर ने अपने प्रोजेक्ट ‘सस्टेनेबल पीएजेएलेक्ट्रिक एनर्जी फ्रॉम वीट स्ट्रॉ’ के लिए सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया। जूरी मेंबर्स ने पार्टिसिपेंट्स द्वारा प्रस्तुत आईडियाज़ की ओरिजिनालिटी, फीज़ीबिलिटी और एनवायर्नमेंटल इम्पैक्ट की सराहना की। ‘पहल’ आइडियाथॉन ने स्टूडेंट्स को अपनी क्रिएटिविटी तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए कमिटमेंट, एंटरप्रेंयूर्शिप और इन्नोवेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त और गतिशील मंच प्रदान किया।