CGC यूनिवर्सिटी, मोहाली में ग्लोबल एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन
"एडुवर्स 2050” थीम पर 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने की भागीदारी
मोहाली:
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में “ग्लोबल एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडुवर्स 2050: नए मानव युग के लिए वैश्विक शिक्षा की पुनर्विचार प्रक्रिया” विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें वैश्विक शिक्षा के भविष्य को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस कॉन्क्लेव में 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जो 60 से ज्यादा देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे है। ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, मेडागास्कर, सेशेल्स, जॉर्जिया समेत कई देशों के शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का उद्देश्य बदलते वैश्विक परिदृश्य में शिक्षा की भूमिका पर चर्चा करना रहा। इस मंच ने नवाचार, सहयोग और भविष्य की शैक्षणिक दिशा को लेकर सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया।
इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन की परिकल्पना का आधार सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के माननीय चांसलर एवं फादर ऑफ एजुकेशन, स. रशपाल सिंह धालीवाल की दूरदर्शिता और शैक्षिक दर्शन पर आधारित है, जिन्हें आधुनिक शिक्षा को नई दिशा देने वाली एक मार्गदर्शक शक्ति के रूप में व्यापक रूप से माना जाता है। वैश्विक स्तर पर सक्षम और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण नेतृत्व तैयार करने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ही इस स्तर और महत्व की पहलों को निरंतर प्रेरित करती है।
सम्मेलन के उद्देश्य पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षा को केवल परिवर्तन के प्रति प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे परिवर्तन का पूर्वानुमान लगाकर उसे आकार भी देना चाहिए। शिक्षा जगत का भविष्य उसकी इस क्षमता में जड़ित है कि वह वैश्विक सामंजस्य, बौद्धिक साहस और मानव-केंद्रित नवाचार को प्रोत्साहित करे।”
यह आयोजन सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के मैनेजिंग डायरेक्टर, अर्श धालीवाल की प्रगतिशील सोच को भी प्रतिबिंबित करता है, जिन्होंने अगली पीढ़ी के वैश्विक विचारकों को तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “एडुवर्स केवल भविष्य की एक अवधारणा नहीं है - यह वर्तमान की जिम्मेदारी है। एक संस्थान के रूप में हमें ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना होगा, जहां ज्ञान, तकनीक और मानवता एक साथ आकर एक अधिक जागरूक और आपस में जुड़ी हुई दुनिया का निर्माण करें।”
ग्लोबल एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 के दौरान प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव बुद्धिमत्ता के समन्वय, भविष्य के शैक्षणिक ढांचे, नेतृत्व विकास और वैश्विक शांति में विश्वविद्यालयों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की। यह कॉन्क्लेव, सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली की अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य-केंद्रित शिक्षा को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।