Himachal Weather Update : हिमाचल में इस दिन से बदलेगा मौसम, पूरे प्रदेश में बारिश के आसार; जानें मौसम का हाल
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला, 08 फरवरी 2026 :
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम साफ रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से नौ फरवरी से मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है। नौ फरवरी को उच्च पर्वतीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों और दस को पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश भर में धूप खिली। ऊना को अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के कई इलाकों में शीतलहर लगातार जारी है।
शुक्रवार रात को पांच जिलों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू और सोलन में तापमान पांच डिग्री से कम दर्ज हुआ, अन्य जिलों के कुछ क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से कम चल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार एक और नया पश्चिमी विक्षोभ नौ फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके राज्य के कई हिस्सो में 9 से 11 फरवरी तक बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 10 फरवरी को पूरे प्रदेश में बादल बरस सकते हैं।
कई भागों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज के साथ बिजली चमकने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। 12 फरवरी से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। आगामी 48 घंटों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं।
बर्फबारी से हिमालयी ग्लेशियरों को मिली संजीवनी
23 जनवरी से लेकर हिमालय रेंज में करीब पांच बार बर्फबारी हुई है। प्रदेश के कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर के साथ जम्मू-कश्मीर व उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में 11 दिनों के भीतर हुई व्यापक बर्फबारी ने लगातार सिकुड़ रहे ग्लेशियरों को बड़ी राहत दी है। ग्लेशियरों में करीब 15 से 20 फीट बर्फ की मोटी परत जमी है।
लगातार बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के दबाव से जूझ रहे इन ग्लेशियरों के लिए यह हिमपात किसी संजीवनी से कम नहीं माना जा रहा है। बर्फबारी के बाद पर्वतीय इलाक़ों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है। इससे ग्लेशियरों की सतह पर पिघलाव की प्रक्रिया धीमी हो गई है और बर्फ के तेजी से गलने पर फिलहाल अंकुश लगा है।
कश्मीर क्षेत्र में सियाचिन, कोलाहोई, द्रंग-द्रुंग, माछोई और थाजिवास जैसे प्रमुख ग्लेशियरों पर ताजा जमी बर्फ ने उनकी ऊपरी परत को ढक दिया है। इससे सूरज की किरणें सीधे बर्फ की पुरानी परत तक नहीं पहुंच सकेगी। इसे वैज्ञानिक भाषा में अल्बीडो प्रभाव कहा जाता है। इसी कारण गर्मी का असर कम हुआ है और ग्लेशियरों का पिघलना धीमा पड़ा है। यही स्थिति हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और चंद्रभागा घाटी में भी देखने को मिल रही है। (SBP)
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