चंडीगढ़ में पेड़ों की जड़ें खोखली, तेज बारिश में सड़कों पर गिरे कई पेड़ – बाल-बाल बचे लोग
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 21 मई – शहर में बुधवार को आई तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने कई सेक्टरों में तबाही मचा दी। जगह-जगह पेड़ों के गिरने की घटनाओं ने नगर निगम और बागवानी विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। पेड़ गिरने की वजह से कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई, हालांकि गनीमत रही कि इस बार कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और लोग बाल-बाल बच गए।
सेक्टर-22, सेक्टर-15, सेक्टर 34 -35 और मनीमाजरा जैसे इलाकों में मुख्य सड़कों पर पेड़ गिरने के कारण घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है – बारिश या तेज हवा आते ही शहर के कई पुराने पेड़ धराशायी हो जाते हैं।
नगर निगम की वार्ड नंबर 4 की पार्षद प्रेमलता ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा, "थोड़ी सी आंधी में सड़कों पर पेड़ गिर जाते हैं। इससे पहले भी ऐसी घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। बागवानी विभाग की तरफ से इन पेड़ों की देखरेख और समय-समय पर जांच नहीं की जाती, जिससे ये पेड़ अब आम जनता के लिए खतरा बन चुके हैं।"
प्रेमलता ने मांग की है कि नगर निगम तुरंत प्रभाव से शहर के पुराने और कमजोर पेड़ों की जांच करवाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें काटने या ट्रिम करने की प्रक्रिया शुरू करे ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए।
इस बीच बागवानी विभाग के अधिकारियों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। शहरवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाए ताकि चंडीगढ़ को एक सुरक्षित शहर बनाए रखा जा सके।
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