वैश्विक परिवर्तनों के अनुरूप एनसीसी कैडेट्स को दी जाएगी ड्रोन उड़ाने, साइबर सुरक्षा और एथिकल हैकिंग की ट्रेनिंग: मेजर जनरल भरत मेहतानी, एडीजी एनसीसी
मेजर जनरल भरत मेहतानी, एडीजी, एनसीसी निदेशालय (पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश एवं चंडीगढ़) ने किया चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का दौरा
दुनिया की सबसे बड़ी यूनिफार्म यूथ फोर्स है एनसीसी, राष्ट्र और समाज के लिए कर सकती है अद्भुत कार्य: मेजर जनरल भरत मेहतानी
कैडेट्स को बेहतर नागरिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए एनसीसी मौजूदा वर्ष से नया ट्रेनिंग प[प्रोग्राम करेगा शुरू: मेजर जनरल भारत मेहतानी
Chandigarh, 6 May 2026- नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) इस साल से ड्रोन उड़ाने, साइबर सुरक्षा और एथिकल हैकिंग जैसे नए क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा, ताकि वर्तमान समय की मांग के अनुसार कैडेट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके। यह बात मेजर जनरल भरत मेहतानी, एडीजी एनसीसी (पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, एवं चंडीगढ़) ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के दौरे के दौरान कही।
इस दौरे पर उनके साथ ब्रिगेडियर एच.एस. संधू, ग्रुप कमांडर, एनसीसी ग्रुप ग्रुप हेडक्वार्टर पटियाला, कर्नल राजेश्वर सिंह, कमांडिंग ऑफिसर, 23 पीबी बीएन एनसीसी रोपड़, शामिल थे। इस अवसर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम तथा कैप्टन (डॉ.) गुरप्रीत सिंह, कंपनी कमांडर, एनसीसी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने राज्यसभा सांसद तथा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर से भी मुलाकात की।
एनसीसी कैडेट्स के साथ एक बातचीत के दौरान, राष्ट्रीय सुरक्षा में आधुनिक टेक्नोलॉजी के महत्व और बढ़ती भूमिका पर ज़ोर देते हुए, मेजर जनरल भारत मेहतानी ने कहा कि पूरी दुनिया बदल रही है और एनसीसी भी एक वर्दीधारी युवा सेना है। एनसीसी कैडेट्स की ट्रेनिंग के लिए तैयार करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
अपने सम्बोधन में मेजर जनरल भरत मेहतानी, एडीजी एनसीसी ने कहा ,“भारतभर में एनसीसी कैडेट्स की संख्या जल्द ही 20 लाख हो जाएगी। यह दुनिया की सबसे बड़ी यूनिफ़ॉर्म वाली युवा फ़ोर्स है। यहाँ तक कि भारतीय सेना का आकार भी एनसीसी कैडेट्स की संख्या का लगभग आधा है। यह हमारे देश तथा देशवासियों के विकास और कल्याण के लिए अद्वितीय काम कर सकते है। बदलते समय के साथ तालमेल बिठाते हुए, एनसीसी इस साल से अलग-अलग क्षेत्रों में एक नया ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कर रही है, ताकि एनसीसी कैडेट्स बेहतर नागरिक बन सकें और टेक्नोलॉजी में भी सशक्त हों। कैडेट्स को ड्रोन ट्रेनिंग के साथ-साथ साइबर ट्रेनिंग भी देंगे। एनसीसी कैडेट्स साइबर रक्षक बनें; इसके लिए हम उन्हें साइबर हैकिंग के अलग-अलग तरीके सिखाएँगे, ताकि वे अपने कंप्यूटरों को हैकिंग से बचा सकें, एथिकल हैकिंग कर सकें, और काबिलियत के आधार पर अन्य चीज़ें भी सीख सकें।
ड्रोन ट्रेनिंग के विषय में बोलते हुए उन्होंने आगे बताया कि एनसीसी आरपीटोओ (रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइज़ेशन) स्थापित करके अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत कर रही है। भारत में दो आरपीटोओ कैडेट्स को ड्रोन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने मदद करेंगे।उन्होंने वाइएएमएस (युवा आपदा मित्र योजना) के तहत आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि यह कैडेट्स को प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाएगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम ने कहा," चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एनसीसी विंग न केवल देशसेवा के इच्छुक छात्रों के सपनों को साकार कर रहा है, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों के लिए सक्षम अधिकारियों की नई पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब तक चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एनसीसी विंग ने 50 से अधिक प्रशिक्षित छात्रों को सफलतापूर्वक भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी के तौर पर कमीशन दिलाने में सफलता हासिल की है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एनसीसी विंग में प्रशिक्षित कुल 527 कैडेट्स में से 30 छात्रों (कैडेट) को भारतीय सेना में, 15 को भारतीय नौसेना में और 5 को भारतीय वायु सेना में अधिकारी के तौर पर कमीशन मिला है। ये सभी अधिकारी अलग-अलग भूमिकाओं में देश की सेवा कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी में भारतीय सेना एवं वायु सेना में 40% सीटें महिला छात्रों के लिए आरक्षित हैं, जो सशस्त्र बलों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एनसीसी एक अनुशासित, तकनीकी रूप से कुशल और भविष्य के लिए तैयार युवा शक्ति के विकास को बढ़ावा देता है; चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली अत्याधुनिक सुविधाएं एनसीसी के पीछे की इसी सोच के अनुरूप हैं और हमारे छात्रों के लिए विभिन्न विषयों में रिसर्च , इनोवेशन और अनुभव-आधारित शिक्षण प्रणाली के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।”
इस दौरे के दौरान, मेजर जनरल भारत मेहतानी ने एनसीसी ट्रेनिंग मॉड्यूल में एआई, ड्रोन ऑपरेशन और रोबोटिक्स को शामिल करने के संभावित तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, उन्होंने भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा ज़रूरतों के हिसाब से कैडेट्स के कौशल को बेहतर बनाने के तरीकों की भी पहचान की। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कैंपस के दौरे के दौरान, मेजर जनरल मेहतानी को यूनिवर्सिटी के अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर,एआई लैब्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर और टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरे के हिस्से के तौर पर हुई बैठक में, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के एनसीसी कैडेट्स के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित प्रतियोगिताओं, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और इनक्यूबेशन सहायता में सहयोग के अवसरों को तलाशने पर भी ज़ोर दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न एनसीसी गतिविधियों और शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एनसीसी कैडेट्स को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
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