Himachal Weather: कुल्लू घाटी में ओलावृष्टि का कहर, नकदी फसलों को भारी नुकसान, देखें वीडियो
सेब, मटर और सब्जी उत्पादकों की बढ़ी चिंता, प्रशासन से राहत की मांग
बाबूशाही ब्यूरो
कुल्लू, 12 मई 2026 : जिला कुल्लू और इसके आसपास के क्षेत्रों में हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों-बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रविवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। विशेषकर सेब, प्लम, नाशपाती, मटर तथा अन्य मौसमी सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है।
कुल्लू घाटी के भुंतर, नग्गर, मनाली, पतलीकूहल, बंजार, आनी और सैंज घाटी सहित कई क्षेत्रों में ओलों की मार से बागवानों और किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। बागवानों का कहना है कि इस समय सेब के पौधों पर फूल और छोटे फल लगे हुए हैं। ओलावृष्टि से फूल झड़ने और छोटे फलों को नुकसान पहुंचने से इस सीजन की पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
वहीं, घाटी में बड़े स्तर पर उगाई जाने वाली मटर, गोभी, टमाटर और अन्य नकदी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में फसलें बिछ गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि मौसम की लगातार बेरुखी के चलते पहले ही खेती प्रभावित थी और अब ओलावृष्टि ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
स्थानीय बागवानों और किसान संगठनों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि नकदी फसलें ही क्षेत्र के किसानों की आजीविका का मुख्य आधार हैं, ऐसे में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को तत्काल राहत पैकेज देना चाहिए।
उधर, मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ऊंचाई वाले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब बने रहने तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने किसानों और बागवानों को सतर्क रहने तथा फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। (SBP)
वीडियो के लिए यहां क्लिक करें :
https://drive.google.com/file/d/1QgLA96CpWEsHk2xGikn5risI_A5CY9G_/view?usp=drivesdk
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