चंडीगढ़ में कैब ड्राइवरों की हड़ताल आज भी जारी, अब ऑटो ड्राइवर भी विरोध में शामिल
चंडीगढ़, 10 जून: राजधानी चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में सफर करने वाले आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कैब ड्राइवरों की शुरू की गई हड़ताल आज भी जारी रहेगी। बड़ी खबर यह है कि आज से ऑटो यूनियन ने भी कैब ड्राइवरों के इस विरोध को अपना सपोर्ट दिया है और वे भी हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। आज सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलने वाली इस जॉइंट हड़ताल की वजह से सड़कों पर यात्रियों की भारी भीड़ होने की संभावना है। कल तक कैब न मिलने पर यात्रियों के पास ऑटोरिक्शा और CTU बसों का ऑप्शन था, लेकिन अब ऑटो ड्राइवरों के भी हड़ताल पर जाने की वजह से जनता पूरी तरह से सिटी बस सर्विस पर निर्भर हो गई है।
अगर आपको कैब या ऑटो नहीं मिल पा रहा है, तो आप CTU की लोकल बस सर्विस का फायदा उठा सकते हैं, जो शहर में 65 से 70 अलग-अलग लोकल और सबअर्बन रूट पर चल रही है। ये बसें चंडीगढ़ के सभी बड़े सेक्टरों को जोड़ती हैं। खास तौर पर सेक्टर-43 और सेक्टर-17 के मेन बस स्टैंड के बीच स्पेशल रूट बनाए गए हैं, जहां से हर 15-20 मिनट में बसें मिलेंगी। दोनों बस स्टैंड से VIP और PGI, सेक्टर-32 हॉस्पिटल, हाई कोर्ट और सेक्रेटेरिएट जैसे बड़े इंस्टीट्यूशन के लिए डायरेक्ट बस सर्विस मिलेगी।
ड्राइवरों की इस हड़ताल की मुख्य वजह चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन की साल 2025 में लागू की गई एक पॉलिसी है। इस पॉलिसी के तहत कैब कंपनियों के लिए किराया 25 रुपये प्रति km तय किया गया था। लेकिन तब से CNG की कीमतों में 9 रुपये प्रति kg की बढ़ोतरी हो गई है, जबकि पेट्रोल और डीज़ल भी करीब 7 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से ड्राइवर अब मांग कर रहे हैं कि यह किराया तुरंत 25 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रति km किया जाए।
इस बीच, इस आंदोलन ने तब नया मोड़ ले लिया जब बुड्ढा दल के निहंग साहिबों ने भी 16 जून को ट्राइसिटी कैब ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन देने का ऐलान किया। निहंग सिंहों का कहना है कि ड्राइवरों और उनके परिवारों की आर्थिक दिक्कतों को प्रशासन ने लंबे समय से नज़रअंदाज़ किया है और उनकी जायज़ मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसलिए, उनका ग्रुप भी 16 जून को होने वाले इस बड़े विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासन पर दबाव और बढ़ना तय है।
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