कुल्लू में केंद्रीय टीम ने खंगाला आपदा का जमीनी नुकसान, रिपोर्ट के आधार पर तय होगी राहत
बाबूशाही ब्यूरो
कुल्लू, 30 सितंबर 2026 : मानसून की बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कुल्लू में हुए नुकसान की असली तस्वीर जानने के लिए केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम ने बुधवार को दूसरे दिन भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने मनाली, बंजार और आनी के कई क्षेत्रों में पहुंचकर क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, भूस्खलन प्रभावित गांवों, मत्स्य पालन केंद्र और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का मौके पर निरीक्षण किया।
केंद्रीय टीम का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्थलीय निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही आपदा से हुए नुकसान और राहत सहायता को लेकर केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजी जाएंगी।
ओल्ड मनाली से आनी तक नुकसान की पड़ताल
केंद्रीय टीम ने सबसे पहले ओल्ड मनाली में 2025 की आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम सोलंग गांव पहुंची, जहां भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा लिया गया।
टीम ने पतलीकूहल स्थित ट्राउट फार्म का भी निरीक्षण किया और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी ली। इसके अलावा बंजार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया गया। आनी क्षेत्र के खनाग के डीम्ड में भी टीम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
सड़क, पानी, बिजली से लेकर खेती-बागवानी तक का आकलन
संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का स्थलीय आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है। टीम ने हिमाचल के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
निरीक्षण के दौरान भूस्खलन, पेयजल योजनाओं, सड़कों, मकानों, भूमि धंसने, बिजली व्यवस्था, मत्स्य पालन केंद्रों तथा कृषि-बागवानी क्षेत्रों को हुए नुकसान का जायजा लिया गया है। टीम का उद्देश्य सरकारी और निजी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान के साथ-साथ आपदा से जनजीवन पर पड़े प्रभाव की वास्तविक स्थिति को समझना है।
नुकसान की रिपोर्ट के बाद केंद्र को भेजी जाएगी सिफारिश
एम. रामचंद्रुडु ने कहा कि हिमाचल सरकार से आपदा से हुए नुकसान की समग्र रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्रीय टीम उसका आकलन करेगी। स्थलीय निरीक्षण के निष्कर्षों और राज्य सरकार की रिपोर्ट के आधार पर राहत सहायता के संबंध में केंद्र सरकार को सिफारिशें भेजी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की स्थिति को मौके पर देखा गया है। आगे की प्रक्रिया राज्य सरकार की रिपोर्ट और केंद्रीय टीम के स्थलीय आकलन के आधार पर पूरी की जाएगी।
छह सदस्यीय टीम में विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी
केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के अलावा जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा तथा वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ शामिल रहे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. श्री शशिवर्धन रेड्डी भी टीम का हिस्सा रहे।
दौरे के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा, एडीएम सुरजीत राठौर, एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा सहित आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। (SBP)
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