कांग्रेस ने पंजाब में चुनावी बिगुल फूंका; संगरूर रैली में राहुल और खड़गे ने 'आप' पर साधा निशाना
खड़गे ने 'आप' को बताया 'बीजेपी की बी-टीम'; 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेताओं ने संगरूर की 'न्याय रैली' में एकजुटता दिखाई
रवि जाखू
संगरूर (पंजाब), 4 नवंबर, 2026: कांग्रेस ने बुधवार को पंजाब में एक बड़ी जनरैली के जरिए अपनी एकजुटता दिखाते हुए चुनावी बिगुल फूंका। संगरूर में आयोजित इस 'न्याय रैली' में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' सरकार नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की समस्या और भ्रष्टाचार को रोकने में पूरी तरह विफल रही है, और राज्य की अर्थव्यवस्था की हालत भी लगातार बिगड़ रही है।
'न्याय रैली' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार दिल्ली से नियंत्रित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सरकार की लगाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हाथों में है।
उन्होंने कहा, "एक लगाम शाह के हाथों में है और दूसरी केजरीवाल के हाथों में।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को ऐसी सरकार की जरूरत है जो दिल्ली से नहीं, बल्कि राज्य के भीतर से चले।
राज्य में ड्रग्स की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 'आप' सरकार ने इसे अपना एक प्रमुख चुनावी वादा बनाया था, लेकिन वह इस समस्या से निपटने में पूरी तरह नाकाम रही है। मान की कथित शराब पीने की आदतों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "जिस राज्य का मुख्यमंत्री हर शाम शराब के नशे में रहता हो, वहां आप ड्रग्स के खिलाफ कैसे लड़ सकते हैं?"
राहुल गांधी ने कहा कि शराब पीना भले ही किसी की निजी पसंद हो, लेकिन पंजाब को एक ऐसे नेता की जरूरत है जो यहां के लोगों का दर्द समझ सके और ड्रग्स की समस्या के खिलाफ लड़ सके।
उन्होंने संसद में अपने साथ सांसद रहे भगवंत मान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वे सुबह की कार्यवाही के दौरान भी शराब के नशे में नजर आते थे। उनके इस बयान पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।
खड़गे ने 'आप' पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, इसे बताया बीजेपी की 'बी-टीम'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'आप' सरकार पर भ्रष्टाचार, किसान-विरोधी नीतियों और पंजाब के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। सार्वजनिक जीवन में अपने छह दशकों से अधिक के अनुभव का जिक्र करते हुए, खड़गे ने कहा कि उन्होंने पंजाब में 'आप' (AAP) सरकार जितनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों की समस्या से निपटने में विफल रही है, जिसका बुरा असर किसानों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों पर पड़ा है।
'आप' सरकार के 'सुशासन' के दावों पर सवाल उठाते हुए खड़गे ने कहा, "पहले आपने दिल्ली को बर्बाद किया और अब आपने पंजाब को बर्बाद कर दिया है।"
'आप' को "बीजेपी की बी-टीम" बताते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह पार्टी गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में चुनावी मैदान में उतरी, जहां कांग्रेस बीजेपी को चुनौती देने की स्थिति में थी, जिससे बीजेपी विरोधी वोट बंट गए।
उन्होंने उन राज्यों में 'आप' के चुनाव लड़ने के औचित्य पर सवाल उठाया, जहां उनके अनुसार पार्टी की संगठनात्मक मौजूदगी न के बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' के चुनाव लड़ने से बीजेपी को फायदा हुआ।
गांधी ने मोदी को बहस की चुनौती दी, अडानी और व्यापार समझौते के मुद्दे उठाए
गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस आरोप पर बहस करने की अपनी चुनौती दोहराई कि कांग्रेस 'राष्ट्र-विरोधी' है।
उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री की पसंद की जगह पर बहस करने के लिए तैयार हैं, और मोदी जिसे चाहें उसे जज बना सकते हैं। गांधी ने दावा किया कि वह पांच मिनट के भीतर अपनी बात साबित कर सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें संसद में खुलकर बोलने नहीं दिया और कार्यवाही के दौरान उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल उठाते हुए, गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर, अपनी कैबिनेट या वरिष्ठ अधिकारियों से उचित सलाह-मशविरा किए बिना इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
उन्होंने दावा किया कि इस समझौते का भारतीय किसानों, कृषि, डेटा और छोटे व मध्यम उद्योगों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने अडानी समूह और उससे जुड़ी अमेरिकी कानूनी कार्यवाही को लेकर भी सवाल उठाए।
गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिसंबर 2029 तक नशीले पदार्थों की समस्या को खत्म करने के वादे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नेतृत्व नशीले पदार्थों की बरामदगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में विफल रहा है।
उन्होंने अपने संबोधन के दौरान शाह पर गैंगस्टरों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
गांधी के संबोधन में मूसेवाला की हत्या का भी जिक्र
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए, गांधी ने याद किया कि कांग्रेस में शामिल होने से पहले उनकी मूसेवाला से मुलाकात हुई थी। मूसेवाला को एक प्रतिभाशाली और होनहार युवा बताते हुए, जो पंजाब के विकास में बड़ा योगदान दे सकते थे, गांधी ने कहा कि यह गायक पूरे राज्य की आवाज़ थे।
उन्होंने मई 2022 में दिन-दहाड़े हुई मूसेवाला की हत्या से ठीक पहले उनकी सुरक्षा हटाए जाने पर चिंता जताई। गांधी ने आरोप लगाया कि जिस सोच के कारण गायक की हत्या हुई, वह सोच आज भी पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद है।
गांधी ने राज्य में कृषि और छोटे-मझोले उद्योगों की बदहाली पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र पारंपरिक रूप से पंजाब की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों और गैंगस्टरों की समस्या से निपटने के लिए कृषि और उद्योगों को फिर से पटरी पर लाना बहुत ज़रूरी है।
इस रैली में सचिन पायलट और परगट सिंह समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
इनमें प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, विजय इंदर सिंगला और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल समेत कई अन्य नेता शामिल थे।
इस कार्यक्रम ने पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेतृत्व को एक साझा मंच पर ला खड़ा किया, क्योंकि कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए पंजाब में अपने राजनीतिक अभियान को तेज कर दिया है।
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