CGC लांडरां ने नीति आयोग द्वारा आयोजित रीजनल एआईएम संवाद (नॉर्थ एडिशन) किया होस्ट
Mohali, 6 May 2026- सीजीसी लांडरां ने नीति आयोग के तहत अटल इनोवेशन मिशन (आइआइएम) द्वारा आयोजित ‘रीजनल एआईआईएम संवाद (नॉर्थ एडिशन)’ को होस्ट किया। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन ग्रासरूट लेवल पर और स्केलेबल इंटरप्रेंयूर्शिप को समर्थन देने, इन्क्लूसिव विकास को बढ़ावा देने तथा भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में क्षेत्र के योगदान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में नॉर्दर्न रीजन के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स को एक साथ लाया गया, जिनमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और दिल्ली शामिल थे।
इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का मुख्य आकर्षण पंजाब और जम्मू-कश्मीर इनक्यूबेशन कंसोर्टियम पीआई-राही का शुभारंभ था। इस जॉइंट चैप्टर लॉन्च का उद्घाटन सतनाम सिंह संधू, मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट, राज्यसभा और होनेरेबल चेयरमैन, सीजीसी लांडरां, प्रतीक देशमुख, प्रोग्राम लीड, एआईएम, नीति आयोग, दीपिका राणा खत्री (एचएएस), जॉइंट डायरेक्टर, हिमाचल प्रदेश सरकार, दीपिंदर ढिल्लों, जॉइंट डायरेक्टर, स्टार्टअप पंजाब, प्रसाद मेनन, सीईओ, सेंटर फॉर इनक्यूबेशन एंड बिजनेस एक्सेलेरेशन (सीआईबीए), डॉ. आशीष चौधरी, एमडी, आकाश हॉस्पिटल्स तथा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर सीजीसी की से वाईस चेयरमैन परमपाल सिंह ढिल्लों, कैंपस डायरेक्टर डॉ. राजदीप सिंह, प्रो. (डॉ.) नेहा शर्मा, डीन रिसर्च, और डॉ. अमरेश कुमार, सीईओ, एसीआईसी राइज़ एसोसिएशन, सीजीसी शामिल थे।
कार्यक्रम में सभी को संबोधित करते हुए सतनाम सिंह संधू ने एआईएम, नीति आयोग की इस पहल की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय क्षमताओं का उपयोग करने वाले ऐसे सहयोगात्मक नवाचार मंच इस क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की सराहना करते हुए उन्होंने इस दृष्टि को साकार करने में इन्नोवेशन और एंटरप्रेंयूर्शिप को समर्थन और प्रोत्साहन देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर उद्यमशील ऊर्जा और शैक्षणिक गहराई साझा करते हैं और यह जॉइंट चैप्टर दोनों राज्यों में स्टार्टअप्स, युथ और इंडस्ट्रीज़ के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। यह जॉइंट चैप्टर पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच ‘नॉर्दर्न इनक्यूबेशन नेटवर्क’ स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। यह अकादमिक जगत, इंडस्ट्री, सरकार और स्टार्टअप्स के बीच एक ब्रिज के रूप में भी कार्य करेगा, जिससे कलबोरेटिव और मिशन से जुडी इन्नोवेशन प्लेटफॉर्म को बढ़ावा मिलेगा तथा इन्नोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जा सकेगा। यह पहल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई, मजबूत संस्थागत क्षमताओं और सहयोगात्मक गति के माध्यम से परिवर्तनकारी उद्यमिता प्रगति को आगे बढ़ाते हुए ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में एआईएम की भूमिका को और सुदृढ़ करेगी।
संयुक्त चैप्टर के शुभारंभ को डॉ. शाहिद जिब्रान, सीईओ, एआईसी-आईआईएम बायो-इनोवेशन, श्री नमन सिंघल, सीईओ, एआईसी आईसीबी, श्री आदर्श अग्रवाल, सीईओ, एआईसी चितकारा तथा प्रो. (डॉ.) अमरेश कुमार, सीईओ, एसीआईसी राइज़ एसोसिएशन, सीजीसी लांडरां द्वारा भी समर्थन प्राप्त हुआ। इस पहल को प्रो. रजत एस. संधीर, पंजाब यूनिवर्सिटी और पी - राही से प्राप्त सुझावों एवं योगदानों ने और सशक्त बनाया। यह कार्यक्रम स्टेट लेड स्टार्टअप इकोसिस्टम, इंडस्ट्री-सीएसआर कोलेबोरेशन और स्टार्टअप्स के अम्बेशन के अनुरूप इनक्यूबेटर समर्थन को संरेखित करने पर रणनीतिक संवाद के साथ संपन्न हुआ, जो नार्थ इंडिया में इन्नोवेशन के लिए सामूहिक कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
एआईएम संवाद ने ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, सहयोग को मजबूत करने और राज्य-नेतृत्व वाले स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार तथा होस्ट संस्थानों और इनक्यूबेटरों के बीच तालमेल को सुदृढ़ करने पर सार्थक पैनल चर्चाओं को प्रोत्साहित किया, जिससे परिवर्तनकारी प्रगति को गति मिली और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तथा रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को और मजबूती मिली।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम को होस्ट कर संस्थान ने ग्रास रुट लेवल पर इन्नोवेशन और एंटरप्रेंयूर्शिप को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। इसका इनक्यूबेटर, एसीआईसी राइज़ एसोसिएशन, सीजीसी लांडरां, जो नीति आयोग द्वारा समर्थित है, अब तक 135 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित कर चुका है और उभरते इनोवेटर्स एवं एंटरप्रेंयूर्स को अपने स्टार्टअप स्थापित करने, विकसित करने और विस्तार करने के लिए मेंटरशिप, फंडिंग और नेटवर्किंग सहायता प्रदान करता है।