प्रोफेसर ओपी कटारे को पंजाब विश्वविद्यालय में डीपीआईआईटी आईपीआर चेयर प्रोफेसर नियुक्त किया
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 24 मई, 2025
पंजाब विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) के सेवानिवृत्त प्रोफेसर ओपी कटारे को डीपीआईआईटी आईपीआर चेयर प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की एसपीआरआईएचए योजना के तहत की गई है, जिसे कुलपति प्रोफेसर रेणु विग ने शुक्रवार देर शाम जारी किया।
राष्ट्रीय आईपीआर नीति के तहत, भारत सरकार की डीपीआईआईटी द्वारा चुने गए संस्थानों में बौद्धिक संपदा (IPR) शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आईपीआर चेयर स्थापित की जाती है। इस पद पर प्रो. कटारे के नेतृत्व में पंजाब विश्वविद्यालय में बौद्धिक संपदा शिक्षा, अनुसंधान और आउटरीच के प्रयासों को नया आयाम मिलेगा।
प्रोफेसर कटारे फार्मास्युटिकल साइंसेज के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और शोधकर्ता हैं। उन्होंने पीयू में अनुसंधान प्रोत्साहन प्रकोष्ठ के निदेशक (2015-17), फार्मास्युटिकल साइंसेज के डीन (2012-13) और यूआईपीएस के अध्यक्ष (2005-08) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे फॉस्फोलिपिड रिसर्च सेंटर, हीडलबर्ग (जर्मनी) के संस्थापक सदस्य हैं और पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में भी उच्च स्तरीय समितियों में सक्रिय योगदान दे चुके हैं।
प्रो. कटारे के लाइपोसोम आधारित नैनोटेक्नोलॉजी पर अनुसंधान ने उन्हें 12 पेटेंट दिलाए हैं, और कई अन्य पेटेंट प्रक्रियाधीन हैं। उनके शोध के परिणामस्वरूप पांच उपन्यास दवा उत्पादों का सफल व्यावसायीकरण भी हो चुका है। उनके नवाचारों को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी टेक ट्रांसफर प्रेसिडेंट अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है, जो उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने प्रदान किया था।
पंजाब विश्वविद्यालय के इस निर्णय को अकादमिक जगत में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे विश्वविद्यालय की अनुसंधान और नवाचार क्षमताओं को नई दिशा मिलेगी।
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