बेअदबी कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब के सुझावों पर CM भगवंत मान का बड़ा बयान
बेअदबी विरोधी कानून: पंजाब सरकारश्री अकाल तख्त साहिब की सिफारिशों पर कानूनी राय ले रही है - भगवंत मान
चंडीगढ़, 21 जुलाई, 2026- पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून को और मजबूत और कानूनी तौर पर मजबूत बनाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अहम बयान दिया है। CM भगवंत मान ने साफ किया है कि बेअदबी बिल और कानून को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब से मिले अहम सुझावों और गाइडलाइंस पर राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के एडवोकेट जनरल (AG) और हाई-लेवल लीगल टीम से लगातार चर्चा हो रही है ताकि इन सुझावों को कानून और व्यवस्था के दायरे में पूरी तरह से पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सबसे बड़ी संस्था है और सरकार वहां से आने वाले हर आदेश या सुझाव का पूरा सम्मान करती है। बेअदबी जैसे बहुत सेंसिटिव और धार्मिक मुद्दे पर कोई भी कानूनी फ्रेमवर्क तैयार करते समय, धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ न्यायिक और संवैधानिक पहलुओं को भी ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए सरकार यह पक्का करना चाहती है कि कानून की भाषा ऐसी हो जो कोर्ट में टिक सके और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सज़ा दिलाने में कोई कानूनी कमी न रहे।
CM भगवंत मान के मुताबिक, श्री अकाल तख्त साहिब से मिले सुझावों को कानूनी भाषा में कैसे बदला जाए, इस पर एडवोकेट जनरल और दूसरे कानूनी जानकारों के साथ डिटेल में बातचीत की जा रही है। सरकार का मुख्य मकसद कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना और ऐसा कानून बनाना है जो भविष्य में किसी भी तरह की बेअदबी की घटना को रोकने में असरदार साबित हो।
पंजाब में बेअदबी की घटनाएं हमेशा से गंभीर चिंता का विषय रही हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और दूसरे धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकने के लिए लंबे समय से एक सख्त कानून की मांग की जा रही है। श्री अकाल तख्त साहिब ने ऐसे मामलों में एक ठोस और सख्त कानून बनाने के लिए सरकार के सामने कई ज़रूरी बातें रखी थीं।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार का इरादा साफ़ है और वह बेअदबी करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है। लेकिन साथ ही, सरकार की यह ज़िम्मेदारी है कि जो भी कदम उठाया जाए, वह 'लॉ एंड ऑर्डर' की भाषा और कानूनी नियमों के हिसाब से हो, ताकि इस कानून को कोर्ट में चुनौती न दी जा सके।
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