CGC लांडरां ने अस्मिता खेलो इंडिया वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट किया होस्ट
लांडरां
स्पोर्ट्स में महिलाओं की शक्ति, दृढ़ संकल्प और उनकी बढ़ती भागीदारी की भावना का उत्सव मनाते हुए, सीजीसी लांडरां ने अस्मिता खेलो इंडिया वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में ट्राइसिटी के विभिन्न क्षेत्रों से 80 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एसएआई), मिनिस्ट्री ऑफ़ युथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया की अस्मिता पहल के अंतर्गत आयोजित इस टूर्नामेंट का उद्देश्य खेलों में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना, महिला खिलाड़ियों को सशक्त बनाना तथा उभरती हुई प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता प्रदर्शित करने के लिए एक प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करना था।
इस अवसर पर चीफ गेस्ट उमेश्वरी शर्मा, असिस्टेंट डायरेक्टर-कम-डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर, मोहाली, श्री परमपाल सिंह ढिल्लों, वाइस चेयरमैन, सीजीसी लांडरां, डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, सीजीसी लांडरां तथा कैप्टन विनोद जसवाल, एचओडी स्पोर्ट्स सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। टूर्नामेंट का संचालन इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएफ) के अधिकारियों एवं क्वालिफाइड रेफरीज़ की देखरेख में किया गया। इनमें श्री के.डी.एस. नागरा, श्री अमरीक सिंह, श्री डी.के. शर्मा, श्री कमलदीप सिंह (अंतरराष्ट्रीय रेफरी एवं टूर्नामेंट ऑब्जर्वर), मिस अमनदीप कौर, श्री अमनदीप सिंह, श्री करनबीर बुट्टर, श्री विवेक धीमान, श्री गुलशन सैनी और श्री सचिन धैया शामिल रहे। इन सभी की देखरेख में प्रतियोगिता का निष्पक्ष एवं पेशेवर ढंग से संचालन सुनिश्चित किया गया।
अस्मिता खेलो इंडिया वेटलिफ्टिंग टूर्नामेंट में अपनी शानदार प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए, सीजीसी लांडरां के स्टूडेंट्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और कुल 11 मेडल्स अपने नाम किए, जिनमें चार गोल्ड, चार सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज़ मैडल शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि ने संस्थान को गौरवान्वित किया और कैंपस में विकसित हो रहे समर्पण, अनुशासन एवं खेल प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
इस टूर्नामेंट में 11 वर्षीय अर्शिया गोस्वामी की उपस्थिति ने एक विशेष आकर्षण जोड़ा, जिन्हें भारत की सबसे कम उम्र की और सबसे फिट वेटलिफ्टिंग प्रतिभाओं में से एक के रूप में पहचाना जाता है। उनके साथ 8 वर्षीय अरमीत कौर भी मौजूद रहीं, जो इस प्रतियोगिता की सबसे कम उम्र की प्रतिभागी थीं। उनकी भागीदारी ने उभरती हुई महिला खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने, खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने और यह समझने के लिए प्रेरित किया कि अपने लक्ष्य और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में उम्र कभी बाधा नहीं होती।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए, सीजीसी लांडरां के कैंपस डायरेक्टर, डॉ. राजदीप सिंह ने कहा, “सीजीसी लांडरां को इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने और ऐसे व्यापक अभियान का हिस्सा बनने पर गर्व है, जो अधिक से अधिक लड़कियों को आगे आकर भारतीय खेलों के भविष्य को संवारने के लिए प्रेरित कर रहा है। अस्मिता खेलो इंडिया जैसे आयोजन महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और खेलों में नई उपलब्धियाँ हासिल करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। हम सभी प्रतिभागियों एवं पदक विजेताओं को बधाई देते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।”
टूर्नामेंट का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जिसने उभरती हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें निखारने के लिए समावेशी खेल मंचों के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया। खेलों, युवा विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से, सीजीसी लांडरां ऐसी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ उभरते हुए खिलाड़ियों को सीमाओं से आगे बढ़ने, उत्कृष्टता हासिल करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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