सीजीसी लांडरां में आईईईई वायईएसआईएसटी12 का आयोजन किया गया
मोहाली 18 अप्रैल, 2026- सीजीसी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, लांडरां, मोहाली ने अपने इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आइआइसी) और आईईईई स्टूडेंट ब्रांच के माध्यम से आईईईई वायईएसआईएसटी12 (यूथ एंडेवर फॉर सोशल इनोवेशन यूज़िंग सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी) का आयोजन किया, जो एक वैश्विक मंच है और रियल वर्ल्ड चैलेंजेज के लिए टिकाऊ, तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने पर केंद्रित है। इस पहल में 52 टीमों के 158 छात्रों ने भाग लिया। प्रारंभ में 186 टीमों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 53 टीमों को नवाचार, व्यवहार्यता, विस्तार क्षमता और सामाजिक प्रभाव के आधार पर अंतिम मूल्यांकन के लिए चुना गया।
प्रोग्राम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) जसदीप कौर धनोआ, एग्जीक्यूटिव वाइस चेयर, आईईईई दिल्ली सेक्शन तथा डीन, आइजीटीयूडब्ल्यू शामिल थीं। विशिष्ट अतिथियों में श्री अरविंद सेठिया, वीपी इंजीनियरिंग, फ़िब्रोस इलेक्ट्रिक प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा श्री कपिल सेठी, हेड ऑफ टेक्नोलॉजी, नेटवर्क18 मीडिया एंड इंवेस्टमेंट्स लिमिटेड तथा विशेष अतिथि श्री आशीष मेहता, सीओओ, इनोवेशन मिशन पंजाब (आईएमपंजाब )शामिल थे। इनके साथ डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, डॉ. अशोक कुमार, डायरेक्टर (एकेडमिक्स), डॉ. सुशील कम्बोज, एचओडी, सीएसई विभाग, सीओई - सीजीसी लांडरां, डॉ. विनय भाटिया, एचओडी, ईसीई विभाग, सीईसी - सीजीसी लांडरां, डॉ. सुखप्रीत कौर, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, सीईसी-सीजीसी लांडरां तथा डॉ. अनुज कुमार गुप्ता, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, सीओई - सीजीसी लांडरां भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. सुशील कम्बोज ने कहा, “आईईईई वायईएसआईएसटी12 सतत प्रौद्योगिकी के माध्यम से वास्तविक सामाजिक आवश्यकताओं को संबोधित करने वाले नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।“ डॉ. राजदीप सिंह ने आगे कहा, “ऐसी पहलें तकनीकी दक्षता, सहयोग और समस्या-समाधान कौशल को मजबूत करके छात्रों को उद्योग और वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।”
इस कार्यक्रम में इनोवेशन चैलेंज, जूनियर आइंस्टीन और वीपावर जैसे ट्रैक शामिल थे, जहाँ प्रतिभागियों ने सस्टेनेबिलिटी पर आधारित अपने विचार प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अनुभव ने छात्रों के तकनीकी ज्ञान, समस्या-समाधान क्षमता, संचार कौशल, टीमवर्क और उद्यमशील सोच को बढ़ाया, साथ ही उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और वैश्विक नवाचार मानकों का भी अनुभव प्रदान किया। प्रतियोगिता का समापन गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज़ की टीम डीपसाइट द्वारा स्पेशल ट्रैक में ओवरऑल विजेता का स्थान हासिल करने के साथ हुआ।
नासिक के कर्मवीर एडवोकेट बाबूराव गणपत राव ठाकरे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम माल्वियन को इनोवेशन चैलेंज में ओवरऑल प्रथम रनर-अप घोषित किया गया, जबकि सीईसी, सीजीसी लांडरां की टीम इलेक्ट्रोनर्ड्स ने स्पेशल ट्रैक में ओवरऑल द्वितीय रनर-अप का स्थान प्राप्त किया।
इनोवेशन चैलेंज ट्रैक में नासिक के कर्मवीर एडवोकेट बाबूराव गणपत राव ठाकरे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम माल्वियन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद सीईसी, सीजीसी लांडरां की टीम ऐ.इ.आई.जी.एस फार्म्स ने द्वितीय स्थान हासिल किया और सीईसी, सीजीसी लांडरां की टीम स्मार्ट विज़न ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेकर फेयर श्रेणी में बठिंडा के बाबा फरीद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की टीम जनोवा कोर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद सीईसी, सीजीसी लांडरां की टीम जलविरासत ने द्वितीय स्थान हासिल किया और सोनीपत के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की टीम कन्यारासी इंडिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्पेशल ट्रैक में गीतांजलि इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज़ की टीम डीपसाइट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद सीईसी, सीजीसी लांडरां की टीम इलेक्ट्रोनर्ड्स ने द्वितीय स्थान हासिल किया और सीजीसी लांडरां की टीम इनोव एस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आईएंगेज ट्रैक में दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मुरथल की टीम क्रस्टी_पिज़्ज़ा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट की टीम डेवेलोपएक्स ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
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