HPUJ: NUJI : पत्रकारों की मांगों को आगामी बजट में शामिल करने की मांग
हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने मुख्यमंत्री सुक्खू को भेजा मांगपत्र, पत्रकार कल्याण बोर्ड और सुरक्षा कानून सहित कई मांगें उठाईं
बाबूशाही ब्यूरो
ऊना: 17 सितंबर 2026 : हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (संबद्ध : नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया) ने प्रदेश के पत्रकारों के कल्याण एवं उत्थान से संबंधित विभिन्न मांगों को आगामी बजट में शामिल करने की मांग की है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र देव आर्य ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को मांगपत्र भेजकर पत्रकारों की सामाजिक, आर्थिक एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं के समाधान का आग्रह किया है।
मांगपत्र में पत्रकार कल्याण बोर्ड के गठन तथा हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर हिमाचल में पत्रकार पेंशन योजना शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए Journalist Protection Act बनाने का आग्रह किया गया है।
यूनियन ने पत्रकारों को आवास सुविधा देने के लिए जिला और उपमंडल स्तर पर रियायती दरों पर भूमि अथवा आवास उपलब्ध करवाने, पत्रकारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति तथा उच्च शिक्षा के लिए कम ब्याज दर पर शैक्षणिक ऋण की सुविधा देने की मांग भी उठाई है।
मांगपत्र में तहसील स्तर पर पत्रकारों को मान्यता, बढ़ती आबादी और मीडिया संस्थानों की संख्या के मद्देनजर मान्यता कोटा बढ़ाने तथा उपमंडल स्तर पर कम से कम दो और जिला स्तर पर कम से कम तीन पत्रकारों को मान्यता देने का प्रावधान करने की मांग की गई है। गैर-मान्यता प्राप्त दैनिक समाचार पत्रों में कार्यरत पत्रकारों को भी निर्धारित नियमों के तहत एचआरटीसी में निशुल्क यात्रा और सरकारी विश्राम गृहों में ठहरने की सुविधा देने का आग्रह किया गया है।
यूनियन ने डिजिटल मीडिया के बढ़ते विस्तार को देखते हुए स्पष्ट और पारदर्शी डिजिटल मीडिया वेब पॉलिसी बनाने तथा सोशल मीडिया और स्वतंत्र डिजिटल पत्रकारों के लिए उचित मानदंड निर्धारित करने की मांग की है। उपमंडल स्तर पर कार्यरत फोटोग्राफरों को मान्यता देने का प्रावधान करने की मांग भी रखी गई है।
इसके अलावा प्रदेश के प्रेस क्लबों को बिजली की घरेलू दरों पर सुविधा देने तथा पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए दुर्घटना, मृत्यु एवं गंभीर आपातकालीन परिस्थितियों में विशेष आर्थिक सहायता योजना शुरू करने का आग्रह किया गया है।
जोगिंद्र देव आर्य ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनसमस्याओं को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद एवं परामर्श व्यवस्था स्थापित करने तथा मान्यता प्रक्रिया को सरल बनाकर जिला लोक संपर्क अधिकारी के माध्यम से इसे प्रभावी बनाने की मांग भी की।
यूनियन ने कहा कि पत्रकारों को सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक संबल मिलने से पत्रकारिता को मजबूती मिलेगी तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सुदृढ़ होगी। (SBP)
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