OPS पर हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानें विस्तार से
भर्ती प्रक्रिया कटऑफ से पहले शुरू हुई तो मिलेगी पुरानी पेंशन, नियुक्ति बाद में होने से हक नहीं छिनेगा
बाबूशाही ब्यूरो
शिमला : 05 अक्टूबर 2026 : हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के हित में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी की भर्ती या चयन प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले शुरू हो गई थी, लेकिन परिणाम घोषित होने या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण उसकी नियुक्ति इस तारीख के बाद हुई, तो केवल नियुक्ति की तारीख के आधार पर उसे पुरानी पेंशन योजना से वंचित नहीं किया जा सकता। यानी ऐसे मामलों में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की तारीख को अहम आधार माना जाएगा।
मामले में याचिकाकर्ता की नियुक्ति प्रक्रिया निर्धारित कटऑफ से पहले शुरू हुई थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से नियुक्ति में देरी हुई। बाद में कर्मचारी को नई पेंशन योजना के दायरे में रखा गया। इसे चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था। हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कर्मचारी को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का रास्ता साफ कर दिया।
प्रशासनिक देरी का खामियाजा कर्मचारी क्यों भुगते
अदालत के फैसले का अहम पहलू यह है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्ति मिलने के बीच हुई प्रशासनिक देरी का नुकसान कर्मचारी को नहीं दिया जा सकता। यदि अभ्यर्थी ने निर्धारित समय पर भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया और चयन संबंधी प्रक्रिया कटऑफ तारीख से पहले शुरू हो चुकी थी, तो बाद में नियुक्ति होने मात्र से उसके पेंशन संबंधी अधिकार खत्म नहीं किए जा सकते।
इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू रहने के दौरान शुरू हुई थी, लेकिन परिणाम, चयन, दस्तावेज सत्यापन या अन्य प्रशासनिक कारणों से उनकी नियुक्ति बाद में हुई।
सरकार के नए कार्यालय ज्ञापन का भी हवाला
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की ओर से 9 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन भी रखा गया। इसमें सरकार ने ऐसे कर्मचारियों के संबंध में व्यवस्था स्पष्ट की है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले विज्ञापित या शुरू हो चुकी थी। ऐसे कर्मचारियों को एक बारगी विकल्प के माध्यम से पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है।
31 अक्तूबर तक OPS चुनने का मौका
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुनने के लिए 31 अक्तूबर 2026 तक का समय दिया है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि संबंधित कर्मचारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
कर्मचारियों के लिए क्या है फैसले का मतलब
फैसले का सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है जिनकी भर्ती प्रक्रिया पुरानी पेंशन की कटऑफ तारीख से पहले शुरू हुई थी, लेकिन उन्हें नियुक्ति बाद में मिली। ऐसे मामलों में विभागों को केवल नियुक्ति पत्र जारी होने की तारीख देखकर पेंशन व्यवस्था तय करने के बजाय भर्ती प्रक्रिया की वास्तविक शुरुआत और मामले की परिस्थितियों को भी देखना होगा।
OPS को लेकर लंबे समय से उठता रहा है विवाद
हिमाचल में पुरानी और नई पेंशन योजना को लेकर कर्मचारियों के बीच लंबे समय से बहस रही है। खासकर उन कर्मचारियों के मामले में स्थिति जटिल रही है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया पहले शुरू हुई, लेकिन नियुक्ति विभिन्न कारणों से बाद में हुई। हाईकोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण न्यायिक आधार बन सकता है।
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