आई एम ए में लिटल ब्रेव वारियर - प्री मेच्युर डिलवरी की जागरूकता संगोष्ठी आयोजित
चंडीगढ़ः चंडीगढ़ के सेक्टर 35 इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में प्री मेच्युर डिलवरी की जागरूकता संगोष्ठी आयोजित । आयोजक डॉक्टर नीरज कुमार पूर्व प्रेजिडेंट इंडियन मेडिकल एसोसिएशन व डायरेक्टर मदरहुड ने बताया कि भारत में प्रीमेच्योर डिलीवरी की दर औसतन 20 प्रतिशत अधिक है , हालांकि नियोनेटल आईसीयू व वेंटिलेटर की लेटेस्ट एडवांसमेंट के चलते 500 ग्राम तक के प्री मेच्युर बच्चों को बचाना सम्भव हो गया है । लेकिन आज हमने फ्री मेच्योर जन्मे बच्चों और उनके माता-पिता की सक्सेस स्टोरी के साथ उन्हें अन्य युवा भावी माता पिता को जागरूक करने को प्रेरित किया है।
मुख्य अतिथि डॉ सदभावना पंडित ने कहा कि प्री मेच्युर डिलवरी की गाथा सुनकर डॉ नीरज , डॉ आशीष, डॉ विमलेश सोनी , dr नवदीप धालीवाल डॉ नीलू मल्होत्रा , सहित पूरी टीम की अथक प्रयासों को नमन किया । डॉ नीरज कुमार ने बताया कि भारत में वर्ष 2020 के दौरान प्री-मैच्योर (समय से पूर्व) जन्म के 30.2 लाख मामले दर्ज किए गए जो दुनियाभर में सर्वाधिक है। यह संख्या इस अवधि में दुनियाभर में समय पूर्व जन्म के कुल मामलों के 20 प्रतिशत से अधिक है।
द लैंसेट पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) और लंदन स्कूल आफ हाइजीन एंड ट्रापिकल मेडिसिन के शोधकर्ताओं के अध्ययन से पता चला है कि 2020 में दुनियाभर में समय से पहले जन्म के 50 प्रतिशत से अधिक मामले सिर्फ आठ देशों में दर्ज किए गए। शोधकर्ताओं ने कहा कि जिन देशों में समय पूर्व जन्म के सर्वाधिक मामले सामने आए उनमें भारत के बाद पाकिस्तान, नाइजीरिया, चीन, इथियोपिया, बांग्लादेश, कांगो और अमेरिका शामिल हैं।
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