लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: 9 मार्च को हो सकती है चर्चा
नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026 : संसद के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उनके पद से हटाने के लिए विपक्षी दलों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।
विपक्ष के गंभीर आरोप
विपक्षी दलों ने एकजुट होकर लोकसभा अध्यक्ष पर सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का दावा है कि सदन में उनकी आवाज को दबाया जा रहा है और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया जा रहा है। इस प्रस्ताव के पेश होने के बाद, ओम बिरला ने नैतिक आधार पर खुद को सदन की कार्यवाही से दूर कर लिया है।
विवाद का मुख्य कारण
लोकसभा में 2 फरवरी से ही लगातार हंगामा देखा जा रहा है। विवाद तब गहरा गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब के कुछ अंश पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, जिसमें भारत-चीन संघर्ष का उल्लेख था। विपक्षी हंगामे के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब नहीं दे सके और 5 फरवरी को बिना पीएम के भाषण के ही प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
संवैधानिक प्रावधान
संविधान का अनुच्छेद 94(C) लोकसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को पद से हटाने के प्रावधानों से संबंधित है। वहीं, अनुच्छेद 96 के तहत अध्यक्ष को सदन में अपना बचाव करने का पूरा अवसर दिया जाता है। नियम के अनुसार, जब अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव सदन में विचाराधीन होता है, तब वे मतदान तो कर सकते हैं, लेकिन वोट बराबर होने की स्थिति में अपना निर्णायक मत (Casting Vote) नहीं डाल सकते।
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