सुखबीर बादल की आज चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी, 8 साल पुराना मानहानि केस से जुड़ा मामला
चंडीगढ़, 14 फरवरी 2026 : शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के लिए आज का दिन कानूनी रूप से काफी अहम है। करीब 8 साल पुराने मानहानि के एक मामले में आज उन्हें चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश होना है। हालांकि, सुखबीर बादल की ओर से कोर्ट में एक आवेदन दायर कर आज की व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी गई है।
अमृतसर की बैठक का दिया हवाला
सुखबीर बादल ने अदालत में दाखिल अपनी अर्जी में अमृतसर में आयोजित होने वाली पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक का जिक्र किया है। आवेदन में कहा गया है कि इस बैठक में पंजाब के विभिन्न गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने आ रहे हैं, जहाँ उनकी मौजूदगी अनिवार्य है। अर्जी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं है और उन्होंने अगली तारीख पर पेश होने का भरोसा दिया है।
क्या है 8 साल पुराना यह पूरा मामला?
यह विवाद साल 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था।
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आरोप: अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सुखबीर बादल ने उनके संगठन को प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' का राजनीतिक फ्रंट बताया था।
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बयान का आधार: यह टिप्पणी तब की गई थी जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजिंदर पाल सिंह के आवास पर पहुंचे थे।
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कानूनी धारा: सुखबीर बादल के खिलाफ आईपीसी की धारा 499 (मानहानि) के तहत मामला चल रहा है।
जब जारी हुए थे गैर-जमानती वारंट
इस मामले में सुखबीर बादल की मुश्किलें तब बढ़ गई थीं जब 17 दिसंबर 2025 को कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए गए थे। हालांकि, बाद में अदालत में हाजिर होने पर उन्हें जमानत मिल गई थी। उन्होंने इस केस को रद्द करवाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली और याचिका खारिज कर दी गई।
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