नेरचौक मेडिकल कॉलेज में अब हाईटेक इलाज की बड़ी तैयारी, 23 करोड़ की MRI शुरू; 51 करोड़ के PET Scan ब्लॉक की नींव
गंभीर मरीजों की जांच के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत होगी कम, ICU में बढ़ेंगे 30 बेड; 800 तकनीकी-पैरामेडिकल पद भी मंजूर
बाबूशाही ब्यूरो
मंडी, 26 सितंबर 2026 : हिमाचल में गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में नेरचौक मेडिकल कॉलेज को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, नेरचौक में 23 करोड़ रुपये की MRI मशीन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही 51 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले PET Scan ब्लॉक की आधारशिला रखी गई।मुख्यमंत्री ने 2.29 करोड़ रुपये के टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर, LINAC और CT-Simulator मशीन का भी शुभारंभ किया। इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद कैंसर समेत गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की क्षमता में विस्तार होगा।
अब एक ही परिसर में बढ़ेंगी हाईटेक जांच सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि मौजूदा चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ से लैस करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
PET Scan के लिए दिल्ली से कम इंतजार का दावा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में राज्य सरकार द्वारा PET Scan मशीन स्थापित की गई है। वहां PET Scan के लिए प्रतीक्षा अवधि करीब एक महीने है, जबकि एम्स दिल्ली में मरीजों को इसके लिए करीब चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है। अब नेरचौक में भी PET Scan सुविधा विकसित होने से प्रदेश में इस तरह की जांच की क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, नेरचौक मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ाने के लिए ICU में 25 से 30 अतिरिक्त बेड स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में वर्तमान में 123 नर्सें तैनात हैं और जरूरत के अनुसार भविष्य में और नर्सों की भर्ती की जाएगी।
मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें एक ही सैंपल से कई तरह की जांच संभव होगी। इससे मरीजों को बार-बार सैंपल देने की जरूरत कम होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी।
डॉक्टरों और MBBS विद्यार्थियों को विदेश भेजने की तैयारी
सरकार प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के MBBS विद्यार्थियों और फैकल्टी को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से रूबरू करवाने के लिए विदेश एक्सपोजर विजिट पर भेजने पर भी विचार कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही चिकित्सा तकनीकों और व्यवस्थाओं का अनुभव दिलाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में कम से कम दो-तीन प्रमुख चिकित्सा विभागों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस साल बढ़ेंगी PG की 320 सीटें
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष PG की 320 सीटें बढ़ाई जा रही हैं। टांडा मेडिकल कॉलेज के साथ नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भी SRship शुरू की गई है। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 800 पद स्वीकृत किए हैं।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज को मिली प्रमुख सौगातें
₹23 करोड़ - MRI मशीन
₹51 करोड़ - PET Scan ब्लॉक
₹2.29 करोड़ -टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर, LINAC और CT-Simulator
25-30 बेड - ICU में अतिरिक्त क्षमता
123 - वर्तमान में तैनात नर्सें
800 पद -तकनीकी एवं पैरामेडिकल स्टाफ के स्वीकृत पद
320 सीटें - प्रदेश में बढ़ाई जा रही PG सीटें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल के लोगों को आधुनिक जांच, विशेषज्ञ उपचार और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदेश में ही उपलब्ध करवाना है। (SBP)
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