पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को रेगुलर DGP नियुक्त करने का निर्देश दिया
रवि जखू/बाबूशाही नेटवर्क
चंडीगढ़, 1 अक्टूबर, 2016: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने आज पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह माननीय सुप्रीम कोर्ट के बाध्यकारी निर्देशों के अनुसार पंजाब के लिए एक रेगुलर डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (पुलिस बल का प्रमुख) नियुक्त करे।
माननीय मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की बेंच वकील निखिल थम्मन द्वारा दायर जनहित याचिका (CWP(PIL)-252-2016) पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान, पंजाब सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले का संज्ञान ले लिया है और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक अनुपालन हलफनामा दायर किया गया है। उक्त हलफनामे की एक प्रति आज हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत हलफनामे के साथ भी संलग्न की गई थी। अनुपालन हलफनामे में कथित तौर पर कहा गया है कि पंजाब के DGP की नियुक्ति के लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा अनुशंसित पैनल राज्य सरकार के सक्रिय विचाराधीन है।
राज्य द्वारा दी गई दलीलों पर विचार करने के बाद, हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को एक रेगुलर DGP नियुक्त करने का निर्देश दिया और साथ ही आदेश दिया कि पंजाब सरकार के मुख्य सचिव का अनुपालन हलफनामा अगली तारीख 13.10.2016 को कोर्ट के समक्ष दायर किया जाए।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि पंजाब में चार साल से अधिक समय से कोई रेगुलर DGP (पुलिस बल का प्रमुख) नहीं है, और राज्य पुलिस बल का सर्वोच्च पद अतिरिक्त-प्रभार व्यवस्था के तहत चल रहा है।
वकील निखिल थम्मन ने तर्क दिया है कि ऐसी लंबी व्यवस्था गंभीर संस्थागत चिंताएं पैदा करती है, क्योंकि केवल अतिरिक्त प्रभार पर पद संभालने वाला अधिकारी संभावित रूप से समझौतापूर्ण स्थिति में रह सकता है, जिसमें रेगुलर रूप से नियुक्त DGP के लिए परिकल्पित संस्थागत सुरक्षा और सुनिश्चित कार्यकाल का अभाव होता है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि कानून के शासन को बनाए रखने और पुलिसिंग में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस बल के सर्वोच्च स्तर पर स्थिर और स्वतंत्र नेतृत्व आवश्यक है। यहां यह बताना ज़रूरी है कि याचिकाकर्ता ने अपनी PIL में माननीय सुप्रीम कोर्ट के *प्रकाश सिंह और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य* (2006) 8 SCC 1 मामले के अहम फ़ैसले और उसके बाद 13.03.2019 को आए आदेश (2019) 4 SCC 13 का हवाला दिया है। इन आदेशों में सुप्रीम कोर्ट ने UPSC के ज़रिए पैनल बनाकर राज्य के DGP को चुनने और नियुक्त करने की प्रक्रिया तय की थी और साफ़ तौर पर कहा था कि "कार्यवाहक" (acting) DGP जैसा कोई पद नहीं होता है।
इस मामले की सुनवाई 13.10.2026 तक के लिए टाल दी गई है। इस तारीख तक राज्य सरकार को पंजाब सरकार के मुख्य सचिव के हलफ़नामे के ज़रिए अनुपालन (compliance) की जानकारी रिकॉर्ड पर रखनी होगी।
- Download Babushahi Hindi App
-
-
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →