ब्रेकिंग: AAP ने चावला रेप केस में विरसा सिंह वाल्टोहा का कथित ऑडियो जारी किया, SGPC से जवाब मांगा
बाबूशाही ब्यूरो
चंडीगढ़, 2 अक्टूबर, 2026: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज रेप केस से जुड़ा विवाद तब एक नया मोड़ ले गया, जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) नेता विरसा सिंह वाल्टोहा और बहरीन की उस महिला के बीच बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी की, जिसने चावला पर रेप का आरोप लगाया है।
AAP पंजाब के महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह ऑडियो जारी किया और श्री आनंदपुर साहिब में SGPC द्वारा संचालित सराय में महिला के लंबे समय तक रहने के हालात पर सवाल उठाए।
21 अगस्त को आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में महिला ने चावला पर रेप, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए हैं। चावला ने इन आरोपों से इनकार किया है और मामले को झूठा और मनगढ़ंत बताया है।
महिला के रहने को लेकर AAP ने उठाए सवाल
पन्नू ने दावा किया कि कथित ऑडियो में सात और आठ महीने की अवधि और पैसों के लेन-देन के बारे में बातचीत का ज़िक्र है। उन्होंने सवाल किया कि महिला को बहरीन से पंजाब क्यों लाया गया और वह SGPC द्वारा चलाई जा रही जगहों पर इतने लंबे समय तक कैसे रह पाई।
FIR के मुताबिक, शिकायतकर्ता 17 नवंबर, 2025 को बहरीन से लौटी थी और उसे तख्त केसगढ़ साहिब की एक सराय में रहने की जगह दी गई थी। FIR में कहा गया है कि वह 27 फरवरी से 16 अगस्त, 2026 तक वहां रही और इसके बाद उसे कथित तौर पर दूसरी सराय में शिफ्ट कर दिया गया।
पुलिस उसके रहने की व्यवस्था और उसके ठहरने में मदद करने वाले लोगों से जुड़े हालात की जांच कर रही है।
'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने SGPC के एक ड्राइवर से पूछताछ की है। उसने कथित तौर पर बताया कि महिला तख्त केसगढ़ साहिब के पास अलग-अलग सराय में करीब आठ महीने तक रही थी और चावला ने ही उसके रहने, खाने और लोकल ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम किया था। पुलिस ने कहा कि इन बयानों की पुष्टि की जा रही है। SGPC की जांच पर सवाल
पन्नू ने SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी द्वारा गठित आंतरिक जांच पर भी सवाल उठाए और कहा कि एक स्वतंत्र जांच की ज़रूरत है।
SGPC ने शुरू में मामले की जांच के लिए एक समिति बनाई थी। हालांकि, 1 अक्टूबर को धामी ने पंजाब सरकार से मांग की कि वे रेप केस की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दें, क्योंकि उन्हें मौजूदा जांच की निष्पक्षता पर संदेह था। उन्होंने कहा कि SGPC की आंतरिक समिति मामले के प्रशासनिक पहलुओं की जांच जारी रखेगी।
पन्नू ने धामी और SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से उन हालात के बारे में जवाब मांगा जिनमें महिला को पंजाब लाया गया था, SGPC की सुविधाओं में उसके लंबे समय तक रहने और उसके रहने से जुड़े कथित वित्तीय इंतजामों के बारे में।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या SAD के वरिष्ठ नेताओं को महिला की मौजूदगी और हालात के बारे में पता था।
मामले की जांच जारी है
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पंजाब की रहने वाली और बहरीन में बसी एक महिला ने चावला पर आनंदपुर साहिब की एक सराय में रेप और गलत तरीके से बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया। इसके बाद चावला ने SGPC और SAD के अपने पदों से इस्तीफा दे दिया और आरोपों से इनकार किया।
बाद में अकाल तख्त ने चावला के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की, जबकि SGPC ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और प्रशासनिक जांच शुरू की।
महिला की यात्रा, रहने की व्यवस्था, कथित वित्तीय इंतजामों और उसकी शिकायतों पर की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठने के बाद, अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
AAP द्वारा जारी कथित ऑडियो से न तो रिकॉर्डिंग की असलियत साबित हुई है और न ही उससे जुड़े आरोपों की पुष्टि हुई है।
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