कुत्तों के मुद्दे पर याचिकाओं की आई "बाढ़": सुप्रीम कोर्ट ने हैरानी जताई, कहा...
"इंसानों से ज़्यादा कुत्तों के लिए आवेदन"
नई दिल्ली, 6 जनवरी, 2026: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में याचिकाएं दायर होने पर गहरी हैरानी जताई है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस संदीप मेहता ने एक अहम बात कही और कहा कि इंसानों से जुड़े गंभीर मामलों में भी आमतौर पर इतनी बड़ी संख्या में अंतरिम आवेदन नहीं आते, जितने कुत्तों के मुद्दे पर आए हैं।
बेंच की खास बातें
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच के सामने जब वकीलों ने आवारा कुत्तों से जुड़े नए आवेदनों का ज़िक्र किया, तो कोर्ट ने कहा, आवारा कुत्तों के मामले में याचिकाओं की "बाढ़" आ गई है। बुधवार को जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजारिया की तीन जजों की स्पेशल बेंच इन सभी याचिकाओं पर डिटेल में सुनवाई करेगी।
पिछले सख्त निर्देशों का ज़िक्र
कोर्ट ने 7 नवंबर, 2025 के अपने पहले के फैसले को भी याद किया, जिसमें कहा गया था, शेल्टर की जगहों में बदलाव: हॉस्पिटल, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और रेलवे स्टेशन जैसी पब्लिक जगहों से आवारा कुत्तों को पकड़कर स्टरलाइज़ेशन और वैक्सीनेशन के बाद “तय शेल्टर की जगहों” में रखा जाना चाहिए।
वापसी पर रोक: कोर्ट ने साफ़ किया था कि पकड़े गए कुत्तों को दोबारा उसी जगह पर नहीं छोड़ा जाएगा।
हाईवे की सुरक्षा: सड़क हादसों को रोकने के लिए नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे से आवारा जानवरों को हटाने के आदेश दिए गए हैं।
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