इंदिरा ग्लोबल स्कूल ऑफ़ बिज़नेस टीम ने जीती चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में आयोजित भारत की पहली कॉर्पोरेट क्राइसिस चैंपियनशिप ‘सीईओ अंडर फायर X’
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने किया ‘सीईओ अंडर फायर X’ का आयोजन, देश भर के संस्थानों से 150 से ज़्यादा टीमें भारत की पहली कॉर्पोरेट क्राइसिस चैंपियनशिप के लिए हुई शामिल
एआई से बचने का कोई रास्ता नहीं, बिज़नेस बेहतर नतीजों के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।: असित प्रकाश शर्मा, टेक महिंद्रा
जेनरेटिव और एजेंटिक एआई बदल रहा उपभोक्ताओं और खरीदारों का व्यवहार, एआई से बचने का कोई रास्ता नहीं: असित प्रकाश शर्मा, टेक महिंद्रा
एआई जैसी उभरती तकनीक पर ध्यान देने के बजाय समस्याओं के समाधान पर फोकस करें स्टार्टअप्स: जुबैर चौधरी, को-फाउंडर, आइंस्टेलन.एआई
एआई क्षमताएं बढ़ा सकता है, लेकिन मूल मानवीय कौशल आज भी सबसे अहम: वात्सल्य चतुर्वेदी, निदेशक और सीईओ मिंटस्टीयर
एआई सीखने की प्रक्रिया को तेज और बेहतर बना सकता है, लेकिन मानवीय अनुभव की जगह नहीं ले सकता : गौरव मलिक, प्रेजिडेंट होमलैंड ग्रुप
'सीईओ अंडर फायर X' के साथ, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने किया 'सीएक्सओ समिट 2026' का आयोजन, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के किया 'ओरा' सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ, 'सीईओ अंडर फायर एक्स' के तहत एसएएस के सहयोग से जेनेरेटिव और एजेंटिक एआई सर्टिफिकेशन प्रोग्राम लॉन्च
चंडीगढ़
व्यावहारिक ज्ञान और संकट प्रबंधन के स्किल से छात्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारत की पहली कॉर्पोरेट क्राइसिस चैंपियनशिप ‘सीईओ अंडर फायर एक्स’ आयोजित की। प्रतियोगिता में देशभर के लगभग 150 संस्थानों के मैनेजमेंट छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में छात्रों ने सीईओ की भूमिका निभाते हुए काल्पनिक (सिमुलेटेड) लेकिन गंभीर व्यावसायिक संकटों से निपटने का अनुभव प्राप्त किया। प्रतिभागियों की सिमुलेटेड कॉर्पोरेट माहौल के दबाव और सीमित समय में महत्वपूर्ण निर्णय लेने, रणनीति बनाने, समस्या समाधान, टीमवर्क, नेतृत्व और बिजनेस कम्युनिकेशन जैसी क्षमताओं की परीक्षा हुई।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ बिज़नेस (यूएसबी) द्वारा आयोजित '‘सीईओ अंडर फायर एक्स’ के लॉन्च समारोह में एरियल टेलीकॉम सॉल्यूशंस के को-फाउंडर और सीओओ शाम कुमार, होमलैंड ग्रुप अध्यक्ष गौरव मलिक, असित प्रकाश शर्मा (उपाध्यक्ष - CX क्षमता और प्रीसेल्स लीडर, टेक महिंद्रा), आइंस्टेलन.एआई के फाउंडर एवं सीईओ ज़ुबैर चौधरी, मिंटस्टीयर के डायरेक्टर और सीईओ वात्सल्य चतुर्वेदी , ग्रांट थॉर्नटन डायरेक्टर रोहित गुप्ता, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) सतबीर सिंह सहगल और मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) नीलेश अरोड़ा जैसे शामिल गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
'‘सीईओ अंडर फायर एक्स’ के तहत यूनिवर्सिटी केयूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ बिज़नेस ने ‘सीएक्सओ समिट 2026’ भी आयोजित किया। यह लीडरशिप, नेटवर्किंग और अनुभवात्मक प्रबंधन शिक्षा पर केंद्रित प्लेटफ़ॉर्म रहा, जिसमें फ़ाइनेंस, टेलीकॉम और ह्यूमन रिसोर्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप फ़ाउंडर्स, सीईओ, को-फ़ाउंडर्स और मैनेजिंग डायरेक्टर्स ने पैनल चर्चा के दौरान लीडरशिप, स्ट्रैटेजिक एक्सीलेंस, डिजिटल इनोवेशन और बिजनेस परिणामों पर अपने विचार साझा किए। इस मौके पर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ बिज़नेस ने अपने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ‘ओरा’ – सेंटर फ़ॉर एआई -ड्रिवन यूनिवर्सल बिज़नेस री-इंजीनियरिंग एंड एनालिटिक्स – के तहत ग्रांट थॉर्नटन के सहयोग से अपना पहला प्रोफ़ेशनल स्किल सर्टिफ़िकेशन प्रोग्राम “जेनरेटिव एवं एजेन्टिक एआई फॉर बिज़नेस एप्लायंसेज” भी लॉन्च किया।
'‘सीईओ अंडर फायर एक्स’ के पहले राउंड ‘शॉक वेव – फेस द क्राइसिस’ में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के संस्थानों की लगभग 150 टीमों ने हिस्सा लिया। इस चैंपियनशिप में शामिल प्रमुख संस्थानों में एमिटी यूनिवर्सिटी, बेनेट यूनिवर्सिटी, थापर इंस्टीट्यूट, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, रयात बहरा यूनिवर्सिटी, इंदिरा ग्लोबल स्कूल ऑफ बिजनेस, सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, पानीपत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और जम्मू यूनिवर्सिटी शामिल थे।
कैंपस में चैंपियनशिप के दूसरे राउंड, ‘डिसीजन अंडर प्रेशर’ में टॉप 50 टीमों ने इन्वेस्टर्स, बोर्ड मेंबर्स, रेगुलेटर्स और बिज़नेस पार्टनर्स जैसे अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स की भूमिका निभाई और जजों के सामने कॉर्पोरेट संकट के समय बोर्डरूम का एक वास्तविक अनुभव पेश किया।
फाइनल राउंड ‘सीईओ वर्डिक्ट: ग्रैंड फिनाले – ईओ हॉट सीट’ में टॉप 10 टीमों ने सीमित समय में कॉर्पोरेट संकट की वास्तविक स्थितियों पर काम किया, जिसमें प्रतिभागियों ने सीईओ की भूमिका निभाई और जजों के सामने अपनी टीम के फैसले का बचाव किया। रैपिड-फायर सवालों के जवाब देने, निर्णायक नेतृत्व, सही निर्णय लेने और दबाव में तुरंत प्रतिक्रिया के आधार पर इंदिरा ग्लोबल स्कूल ऑफ बिजनेस पुणे की टीम 'बोर्डरूम विजार्ड्स' ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि एमिटी यूनिवर्सिटी की टीम 'बिजनेस मेवरिक्स' ने दूसरा और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की टीम 'टाइटन्स' ने तीसरा स्थान हासिल किया।
एरियल टेलीकॉम सॉल्यूशंस के को-फाउंडर और सीओओ शाम कुमार ने युवाओं से एआई जैसी नई तकनीकों को अपनाने और लगातार स्किल्स अपग्रेड करने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि ग्राहकों की समस्याओं को हल करने, लागत घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करती हैं। तेजी से बदलते तकनीकी युग में नई तकनीक को अपनाना, स्वीकार करना और स्किल बढ़ाना ज़रूरी है। एआई सामान्य नौकरियों को प्रभावित करेगा, इसलिए एआई को स्किल के रूप में जोड़ने से नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। जो लोग एआई को नहीं अपनाएंगे, उन्हें मुश्किल हो सकती हैं, लेकिन जो लोग एआई को एक स्किल के तौर पर जोड़ेंगे, वे निश्चित रूप से तरक्की करेंगे और बेहतर काम कर पाएंगे। यह संगठनों और व्यक्तियों दोनों पर लागू होता है।"
टेक महिंद्रा में सीएक्स कैपेबिलिटी और प्री-सेल्स लीडर, वाइस प्रेसिडेंट असित प्रकाश शर्मा ने कहा,” आज की पीढ़ी खुशकिस्मत है कि वे डिजिटल युग में जन्में है। मैंने टेक्नोलॉजी की तीनों पीढ़ियां देखी हैं। पहली जब कोई टेक्नोलॉजी या एआई नहीं था, दूसरी डिजिटलाइज़ेशन और बेसिक ऑटोमेशन, और तीसरी अब जेनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई। यह बदलाव कंज्यूमर और खरीदार के व्यवहार को बदल रहा है। कंपनियां अब सिर्फ़ ऑप्टिमाइज़ेशन या मामूली सुधार नहीं चाहतीं, बल्कि वे पूरे प्रोसेस को नए सिरे से सोचने और बदलने की बात कर रही हैं। चाहे 20 एआई एजेंट और 10 लोगों को तैनात करें, या बिना किसी इंसानी दखल के 100 एआई एजेंट का इस्तेमाल करें, ग्राहक के लिए नतीजा मायने रखता है। इसलिए, बात सिर्फ़ छोटे-मोटे सुधार की नहीं है, बल्कि उस बड़े कदम को उठाने की है जो कंपनियों को उठाना ही पड़ रहा है। अब एआई से बचा नहीं जा सकता।"
होमलैंड ग्रुप के प्रेसिडेंट गौरव मलिक ने कहा, “एआई सीखने की प्रक्रिया को बेहतर और तेज़ बना सकता है, लेकिन इंसानी अनुभव की जगह नहीं ले सकता। एआई डेटा, चार्ट और सुझाव दे सकता है, लेकिन लोगों से जुड़ना, निर्णय लेना और निर्णयों के परिणामों की ज़िम्मेदारी जैसे कार्य इंसानी ही हैं। रियल एस्टेट सेक्टर में एआई का इस्तेमाल बाज़ार की स्थितियों, ग्राहकों की ज़रूरतों, प्रतिस्पर्धियों की गतिविधियों और बिज़नेस ऑपरेशन्स को बेहतर ढंग से समझने को समझने में मददगार है, हालाँकि, अंतिम निर्णय ग्राहक का ही होता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि ग्राहकों के साथ भरोसेमंद संबंध बनाना, निर्णय लेना, प्रोडक्ट्स और भविष्य के लक्ष्यों को लेकर स्पष्टता बनाए रखना तथा अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करना ऐसे पहलू हैं, जिन्हें पूरी तरह डिजिटल या ऑटोमेट नहीं किया जा सकता। यह वर्षों के अनुभव की पूरी तरह जगह नहीं ले सकता।”
आइंस्टेलन.एआई के फाउंडर और सीईओ ज़ुबैर चौधरी ने कहा, "जब से एआई आया है, हम लगातार बदलती टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे हैं। एक स्टार्टअप इकोसिस्टम के तौर पर, टेक्नोलॉजी दूसरी प्राथमिकता है। हमारी मुख्य प्राथमिकता उस समस्या को हल करना होना चाहिए जिसे सुलझाने की ज़रूरत है। इसलिए, हमें टेक्नोलॉजी के विकसित होने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए, बल्कि इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि एक स्टार्टअप इकोसिस्टम के तौर पर हम किन बिज़नेस समस्याओं को हल कर रहे हैं।"
मिंटस्टीयर के डायरेक्टर और सीईओ वात्सल्य चतुर्वेदी ने कहा, "एआई प्लेटफॉर्म बेहतर तरीके से समाधान देने की यूज़र की क्षमता को बढ़ा सकते हैं, लेकिन किसी भी बिज़नेस में मूल स्किल्स सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। एआई आपकी मदद कर सकता है, लेकिन समाधान तैयार करने के लिए आपको उसकी सामग्री यानी अपने कौशल की जानकारी होनी चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि आप ग्राहकों की मदद के लिए कौन-सी स्किल्स इस्तेमाल कर रहे हैं और एआई के साथ आपकी स्किल्स उसे कैसे और बेहतर बना सकती हैं।"
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रोफ़ेसर (डॉ.) सतबीर सिंह सहगल ने अपने स्वागत भाषण में कहा, "चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रैक्टिकल वर्कशॉप, इंडस्ट्री के साथ सहयोग और असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स के ज़रिए अनुभव-आधारित लर्निंग को बढ़ावा देती है, जो थ्योरी और प्रैक्टिस के बीच के अंतर को कम करते हैं। इसी दिशा में, 'सीईओ अंडर फायर एक्स' भारत की पहली कॉर्पोरेट क्राइसिस चैंपियनशिप , मैनेजमेंट के छात्रों के लिए लीडरशिप स्किल्स निखारने और क्लासरूम में सीखी गई बातों को असल में आज़माने का एक शानदार मौका है। मुझे विश्वास है कि इस चैंपियनशिप के दौरान मिला हैंड्स-ऑन लर्निंग अनुभव छात्रों को असल कॉर्पोरेट संकट के दौरान मुश्किल पलों से निपटने के लिए ज़रूरी जानकारी और प्रैक्टिकल स्किल्स से लैस करेगा।"
- Download Babushahi Hindi App
-
-
Click to Follow बाबूशाही हिन्दी फेसबुक पेज →