CGC लांडरां को इन्नोवेटिव इलेक्ट्रिक व्हीलबैरो के लिए डिज़ाइन पेटेंट प्राप्त हुआ
चंडीगढ़
चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज (सीजीसी), लांडरां को एक इन्नोवेटिव इलेक्ट्रिक व्हीलबैरो के लिए डिज़ाइन पेटेंट प्रदान किया गया है। यह सतविंदर सिंह (असिस्टेंट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग), गुरदीप सिंह (इंस्ट्रक्टर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग) तथा लवप्रीत सिंह (बी.टेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग छात्र) द्वारा विकसित किया गया है। इस डिज़ाइन पेटेंट ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और इन्नोवेशन ड्रिवेन रिसर्च के क्षेत्र में सीजीसी लांडरां के निरंतर बढ़ते योगदान और उपलब्धियों को और अधिक सुदृढ़ किया है।
पेटेंट प्राप्त इस इलेक्ट्रिक व्हीलबैरो को भारी भार के परिवहन में लगने वाले शारीरिक श्रम को कम करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। यह पारंपरिक व्हीलबैरो का एक उन्नत और आधुनिक विकल्प है। पारंपरिक व्हीलबैरो के विपरीत, जिसमें भार को उठाने और धकेलने के लिए पूरी तरह से इंसान की शक्ति की आवश्यकता होती थी, अब इस अभिनव डिज़ाइन में एक रीचार्जेबल बैटरी-संचालित डीसी मोटर तथा पिछले पहिए में एकीकृत हब मोटर का उपयोग किया गया है, जो थ्रॉटल-नियंत्रित प्रणाली के माध्यम से इसे आसानी से संचालित करने में सक्षम बनाती है। इस डिज़ाइन में बेहतर स्थिरता और भार वहन क्षमता के लिए आगे की ओर दो ट्रॉली पहिए लगाए गए हैं। यह उपकरण मिट्टी, बजरी, मल्च, कंस्ट्रक्शन मलबे तथा अन्य भारी सामग्रियों के परिवहन के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
इस इन्नोवेशन की एक प्रमुख विशेषता ये है की इसमें ऑपरेटर के लिए बैठने की व्यवस्था भी है, जो काम के दौरान आराम को बढ़ाती है तथा थकान को कम करती है। वेरिएबल स्पीड कण्ट्रोल, फॉरवर्ड एंड रेवेर्स मोशन कैपेबिलिटीज, लो नॉइज़ ऑपरेशन तथा ज़ीरो डायरेक्ट एमिशन्स जैसी विशेषताओं से सुसज्जित यह इलेक्ट्रिक व्हीलबैरो कंस्ट्रक्शन, अग्रिकल्चर, लैंडस्केपिंग तथा मटेरियल हैंडलिंग ऍप्लिकेशन्स से संबंधित कार्यों के लिए एक पर्यावरण-अनुकूल, किफायती और प्रभावी समाधान प्रदान करता है। यह इन्नोवेशन रिसर्च से जुडा शिक्षण तथा इंडस्ट्री रिलेवेंट इन्नोवेशन पर सीजीसी लांडरां के निरंतर फोकस को भी दर्शाता है। यह पेटेंट संस्थान के कई शोध और नवाचार उपलब्धियों में से एक है। सीजीसी लांडरां ने 3,086 पेटेंट दाखिल किए हैं, 2,611 पेटेंट प्रकाशित हो चुके हैं, तथा 146 यूटिलिटी पेटेंट और 80 डिज़ाइन पेटेंट संस्थान को प्रदान किए गए हैं।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सतविंदर सिंह ने कहा, “इलेक्ट्रिक व्हीलबैरो तैयार यही सोचकर किया गया कि भारी भार के परिवहन से जुड़े शारीरिक श्रम को कम किया जाए तथा भारी सामान को ट्रांसपोर्ट करने तथा उसमें सुधार का करने के उद्देश्य से किया गया। यह इन्नोवेशन यूज़र कम्फर्ट, सस्टेनेबिलिटी और फंक्शनलिटी का समन्वय करता है, जिससे यह विभिन्न प्रकार के ऍप्लिकेशन्स के लिए एक प्रैक्टिकल समाधान बन जाता है। इस डिज़ाइन पेटेंट की प्राप्ति हमारे उन प्रयासों की उत्साहवर्धक मान्यता है, जिनके माध्यम से हम वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने वाली टेक्नोलॉजीज़ का विकास कर रहे हैं।”
इन्नोवेटर्स को बधाई देते हुए, सीजीसी लांडरां के कैंपस डायरेक्टर डॉ. राजदीप सिंह ने कहा, “सीजीसी लांडरां में इन्नोवेशन और रिसर्च शैक्षणिक उत्कृष्टता की आधारशिला हैं। इस डिज़ाइन पेटेंट का प्रदान किया जाना क्रिएटिविटी, समस्या-समाधान और तकनीकी प्रगति की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमें अपने इन्नोवेटर्स के प्रयासों तथा इंडसट्री और सोसाइटी पर सार्थक प्रभाव डालने वाले समाधानों के विकास में उनके योगदान पर गर्व है। ऐसी उपलब्धियाँ नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन के केंद्र के रूप में सीजीसी लांडरां की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।”
इस डिज़ाइन पेटेंट का प्रदान किया जाना शैक्षणिक उत्कृष्टता और नवाचार की दिशा में सीजीसी लांडरां की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संस्थान अपने फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स को प्रभावशाली रिसर्च करने, नावेल टेक्नोलॉजीज़ का विकास करने तथा भारत के बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है।