CGC लांडरां में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ - II पर एआईसीटीई फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ
चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ (सीजीसी), लांडरां में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ - II विषय पर आठ दिवसीय एआईसीटीई फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ किया गया। सीजीसी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (सीओई) द्वारा डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टूडेंट वेलफेयर, सीजीसी लांडरां के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य एजुकेटर्स को एक साझा मंच पर लाकर कंटेम्पररी एजुकेशन में वैल्यूज़ की भूमिका पर विचार-विमर्श के लिए प्रेरित करना है।
आल इंडिया कॉउंसिल ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) तथा नेशनल कोआर्डिनेशन कमिटी इंडक्शन प्रोग्राम (एनसीसीआईपी) के मार्गदर्शन में आयोजित इस एफडीपी का संचालन एआईसीटीई टीम के प्रतिष्ठित सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। इनमें डॉ. प्रिया दर्शनी (रिसोर्स पर्सन), डॉ. मनीषा गुप्ता (को - फैसिलिटेटर ) तथा ओब्ज़रवॉर श्री बिधि चंद शामिल हैं।
इनॉग्रेशन सेरेमनी में डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, डॉ. अशोक कुमार, डायरेक्टर (एकेडेमिक्स), डॉ. गगनदीप भुल्लर, डायरेक्टर (डायरेक्टर स्टूडेंट वेलफेयर एवं एलुमनाई अफेयर्स), डॉ. अनुज कुमार गुप्ता, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, सीजीसी-सीओई तथा डॉ. पालकी साहिब कौर, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, सीसीटी, सीजीसी लांडरां शामिल रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ एवं पार्टिसिपेंट्स भी उपस्थित थे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. गगनदीप भुल्लर ने कहा, “आज के समय में शिक्षा केवल तकनीकी विशेषज्ञता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसमें ऐसे मूल्यों का संवर्धन भी होना चाहिए, जो एथिकल कंडक्ट, म्यूचल रेस्पेक्ट और सोशल रिस्पांसिबिलिटी की भावना को प्रेरित करें। एआईसीटीई द्वारा दूरदर्शी सोच के साथ आरंभ किया गया यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) ऐसे शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, जो अपने विद्यार्थियों में इन सिद्धांतों का समावेश कर सकें।”
डॉ. राजदीप सिंह ने कहा, “यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ समग्र शिक्षा के लिए एक सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं। सेल्फ एक्सप्लोरेशन और संवाद को प्रोत्साहित करके हम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को अपने व्यावसायिक तथा व्यक्तिगत जीवन में सुख, समृद्धि और सामंजस्य की अनुभूति करने में सहायता कर सकते हैं। वैल्यू बेस्ड एजुकेशन की नींव को सुदृढ़ बनाने वाली ऐसी पहल का नेतृत्व करने के लिए हम एआईसीटीई के प्रति अपना आभार और प्रशंसा व्यक्त करते हैं।”
फैकल्टी मेंबर्स को यूएचवी-आई और यूएचवी-आईआई करिकुलम के प्रभावी अध्यापन के लिए तैयार करने हेतु डिज़ाइन किए गए इस एफडीपी का उद्देश्य संस्थानों में समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करना भी है। प्रोग्राम के पहले दिन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया कि सेल्फ एक्सप्लोरेशन और संवाद के माध्यम से प्रतिभागी सुख, समृद्धि, सामंजस्य तथा नैतिक जीवन के मूलभूत सिद्धांतों की गहन समझ विकसित कर सकते हैं और उन्हें अपने दैनिक जीवन में आत्मसात कर सकते हैं।
आगामी सात दिनों के दौरान यह प्रोग्राम एनसीसीआईपी-एआईसीटीई के संसाधन सदस्यों के मार्गदर्शन में विचारोत्तेजक चर्चाओं, आत्मचिंतनपरक गतिविधियों तथा अनुभवात्मक शिक्षण सत्रों का आयोजन करेगा। यह पहल फैकल्टी मेंबर्स को यूएचवी करिकुलम के प्रभावी संचालन में सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों में समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा की संस्कृति को विकसित और सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।