CCP, CGC Landran को पीवीपीआई के तहत एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर के रूप में मिली मान्यता
चंडीगढ़
सीजीसी लांडरां के चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी (सीसीपी) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया, के अंतर्गत इंडियन फार्माकोपिया कमीशन - आईपीसी द्वारा संचालित फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया - पीवीपीआई के तहत एडवर्स ड्रग रिएक्शन (एडीआर) मॉनिटरिंग सेंटर के रूप में स्वीकृति प्राप्त की है। इस प्रतिष्ठित स्वीकृति को प्राप्त करने वाला चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी (सीसीपी) पंजाब का एकमात्र निजी फार्मेसी कॉलेज है। इस उपलब्धि के साथ संस्थान भारत के चुनिंदा फार्मेसी कॉलेजों में शामिल हो गया है, जिन्हें देश की फार्माकोविजिलेंस गतिविधियों को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीवीपीआई का उद्देश्य दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके तहत एडवर्स ड्रग रिएक्शन (एडीआर) की रिपोर्टिंग को बढ़ावा दिया जाता है, ताकि मरीजों की सुरक्षा में सुधार हो तथा दवाओं का रैशनल इस्तमाल सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, यह कार्यक्रम भारत में दर्ज किए गए एडीआर से संबंधित आंकड़ों को डब्ल्यूएचओ के इंटरनेशनल ड्रग मॉनिटरिंग प्रोग्राम में भी योगदान देता है, जिसका समन्वय स्वीडन स्थित उप्साला मॉनिटरिंग सेंटर द्वारा किया जाता है। इस प्रकार, यह पहल ग्लोबल लेवल पर दवाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सीसीपी, सीजीसी लांडरां में एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर की स्थापना संस्थान की स्वास्थ्य शिक्षा में उत्कृष्टता तथा मरीजों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह केंद्र दवा सुरक्षा निगरानी,एडीआर रिपोर्टिंग, फार्माकोविजिलेंस अनुसंधान, शिक्षा और जन-जागरूकता गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होगा।
यह केंद्र दवाओं से होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के कलेक्शन, असेसमेंट और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाएगा तथा दवाओं के सुरक्षित एवं रैशनल इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में जागरूकता और उत्तरदायित्व की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर, फार्मेसी के स्टूडेंट्स और फैकल्टी मेंबर्स को फार्माकोविजिलेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं का हैंड्स ऑन एक्सपीरियंस भी प्रदान करेगा। इसमें एडवर्स ड्रग रिएक्शन रिपोर्टिंग, कैज़ुअलिटी असेसमेंट, डेटा मैनेजमेंट तथा दवा सुरक्षा मूल्यांकन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों का प्रशिक्षण शामिल होगा। यह प्रैक्टिकल अनुभव स्टूडेंट्स और शिक्षकों की प्रोफेशनल दक्षताओं को सुदृढ़ करेगा, रिसर्च के नए अवसरों को बढ़ावा देगा तथा उन्हें फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री, अस्पतालों, क्लिनिकल रिसर्च, रेगुलेटरी अफेयर्स और ड्रग सेफ्टी जैसे क्षेत्रों में सफल करियर के लिए बेहतर रूप से तैयार करेगा। सीजीसी लांडरां के कैंपस डायरेक्टर डॉ. राजदीप सिंह ने इस उपलब्धि के लिए संस्थान के फैकल्टी, छात्रों और पूर्व छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सीजीसी लांडरां की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. रुपिंदर सोढ़ी ने कहा, "यह प्रतिष्ठित स्वीकृति प्राप्त होना हमारे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है।
यह उपलब्धि सक्षम और कुशल फार्मेसी पेशेवर तैयार करने के साथ-साथ सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं, सहयोगात्मक अनुसंधान तथा सभी के लिए दवाओं के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के राष्ट्रीय मिशन के प्रति सीसीपी, सीजीसी लांडरां की प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करती है।" यह मान्यता चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी (सीसीपी), सीजीसी लांडरां की शैक्षणिक उत्कृष्टता, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा नवाचार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस स्वीकृति के साथ संस्थान की भूमिका फार्माकोविजिलेंस गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को सशक्त बनाने तथा राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सार्थक योगदान देने के रूप में और अधिक मजबूत हुई है।