CGC यूनिवर्सिटी मोहाली की दूसरी अकादमिक काउंसिल की बैठक संपन्न, भविष्य की शिक्षा के लिए तैयार किया अकादमिक रोडमैप
मोहाली, 27 मई
अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार-उन्मुख शिक्षा और संस्थागत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली द्वारा अपनी दूसरी अकादमिक काउंसिल (विद्या परिषद) की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के भविष्य के शैक्षणिक दिशा-निर्देशों और नीतियों पर विस्तृत चर्चा करने के लिए देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद, औद्योगिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ प्रबंधक शामिल हुए।
बैठक की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनय गोयल ने उपस्थित सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के उस दृष्टिकोण (विज़न) को दोहराया जिसके तहत संस्थान को अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, नैतिक मूल्यों और छात्र-केंद्रित शिक्षा के समन्वय के साथ वैश्विक स्तर पर पहचान दिलानी है। उन्होंने बदलते तकनीकी दौर के अनुसार औद्योगिक जगत के साथ तालमेल और आधुनिक शिक्षण प्रणाली अपनाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, परीक्षा और पीएचडी नियमों पर विशेष चर्चा की गई। काउंसिल ने विश्वविद्यालय की नीतियों को 'एनईपी-2020' (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के उद्देश्यों के साथ जोड़ने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, लचीलापन और परिणाम-उन्मुख शिक्षा को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। औद्योगिक जगत की मौजूदा मांगों को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, फिनटेक, बिजनेस एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में भविष्य के पाठ्यक्रमों पर विशेष जोर दिया गया।
काउंसिल ने आईबीएम , ई वाई और केपीएमजी जैसी विश्व प्रसिद्ध संस्थाओं के सहयोग से विकसित किए गए 'न्यूटन स्कूल ऑफ एआई एंड कंप्यूटिंग' और 'मेटा स्कूल ऑफ बिजनेस' के रणनीतिक रोडमैप की भी समीक्षा की।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों, जैसे कि यूजीसी अधिनियम के तहत शामिल होना, एआईएसएचई सूची में स्थान, भारतीय विश्वविद्यालयों के संघ की सदस्यता और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया व बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली मंजूरियों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। बैठक के सफल समापन पर सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली के प्रो-कुलपति (परीक्षा) एवं रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) अनुपम शर्मा ने सभी आगंतुक मेहमानों का आभार व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति रशपाल सिंह धालीवाल ने इस दूसरी अकादमिक काउंसिल की बैठक के सफल आयोजन के लिए सभी सदस्यों, विशेषज्ञों और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये साझा प्रयास विश्वविद्यालय के उस सपने को साकार करेंगे जिसके तहत हमें वैश्विक स्तर पर सक्षम और सामाजिक रूप से जिम्मेदार भविष्य के नेता (लीडर्स) तैयार करने हैं।