Big Breaking : गैंगस्टर Lawrence Bishnoi इस मामले में हुआ बरी, पढ़ें पूरी ख़बर
चंडीगढ़: शहर के बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह हत्याकांड में करीब 7 साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके चार साथियों को बरी कर दिया है। हालांकि, मामले में तीन अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जिन्हें आज सजा सुनाई जा सकती है।
पुलिस की इन बड़ी चूकों ने कमजोर किया केस
कोर्ट की सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की जांच प्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठे:
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गायब हुआ अहम सबूत: संदिग्ध आरोपी जिस होटल में रुके थे, उसका एंट्री रजिस्टर क्राइम ब्रांच के पास था, लेकिन कोर्ट में पुलिस ने कहा कि वह रजिस्टर गुम हो गया है।
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फोरेंसिक जांच में देरी: हत्याकांड के बाद लॉरेंस गैंग के नाम से जो वॉयस मैसेज वायरल हुआ था, पुलिस उसकी समय पर फोरेंसिक जांच कराने में विफल रही।
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गवाहों का मुकरना: केस के दो अहम गवाहों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गवाह कोर्ट में अपने बयानों से पलट गए।
क्या था मामला?
28 सितंबर 2019 को बुड़ैल (सेक्टर-45) में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की उनके दफ्तर में घुसकर अंधाधुंध गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की थी, जिसमें सोनू को 10 गोलियां लगी थीं। लॉरेंस ने कोर्ट में दलील दी कि उसे जानबूझकर फंसाया गया है और वह पिछले 12 सालों से जेल में ही बंद है।
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