Earthquake News : 4.2 की तीव्रता से फिर कांपी धरती, एक ही महीने में कई बार लगे झटके
Babushahi Bureau
यांगून [म्यांमार] | 21 अगस्त, 2025 : म्यांमार में बुधवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology - NCS) ने इसकी पुष्टि की है।
NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 6 बजकर 16 मिनट पर आया। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था।
एक महीने में कई बार लगे झटके
यह पहली बार नहीं है जब म्यांमार में भूकंप आया हो। इससे पहले 27 जुलाई को भी यहां दो बार धरती कांपी थी। उस दिन पहला झटका 3.6 की तीव्रता का और दूसरा 3.8 की तीव्रता का महसूस किया गया था।
क्यों है म्यांमार भूकंप के 'हाई-रिस्क' जोन में?
म्यांमार भूवैज्ञानिक रूप से एक बहुत ही सक्रिय और संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यही कारण है कि यहां बार-बार भूकंप आते रहते हैं। यह देश चार विशाल टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) - भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट - के जंक्शन पर बसा हुआ है। इन प्लेटों की आपसी टक्कर और हलचल के कारण यहां हमेशा भूकंप का खतरा बना रहता है।
इसके अलावा, म्यांमार से होकर 1,400 किलोमीटर लंबी एक सगाइंग फॉल्ट (Sagaing Fault) लाइन गुजरती है, जो देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह फॉल्ट लाइन देश के सबसे घनी आबादी वाले शहरों जैसे सागैंग, मांडले, बागो और यांगून से होकर गुजरती है, जहां देश की 46% आबादी रहती है।
बड़े शहरों पर मंडराता खतरा
हालांकि, यांगून शहर इस फॉल्ट लाइन से थोड़ा दूर है, लेकिन घनी आबादी के कारण यहां भी खतरा बहुत ज्यादा है। इसका एक ऐतिहासिक उदाहरण भी है। साल 1903 में बागो में आए 7.0 की तीव्रता वाले एक शक्तिशाली भूकंप ने यांगून में भी भारी तबाही मचाई थी। इस वजह से म्यांमार में हमेशा मध्यम से लेकर बड़े भूकंप और सुनामी का खतरा बना रहता है।
MA