Big Breaking : Donald Trump को Tariff पर अब तक का सबसे बड़ा झटका, पढ़ें पूरी खबर
Babushahi Bureau
वाशिंगटन, 30 August 2025 : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की आक्रामक व्यापार नीतियों को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत (Federal Appeals Court) ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ट्रंप द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए अधिकांश आयात शुल्कों (Tariffs) को अवैध करार दे दिया है । यह फैसला ट्रंप की उस रणनीति के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसमें उन्होंने टैरिफ को अपनी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीति का मुख्य हथियार बनाया था।
कोर्ट ने क्यों कहा टैरिफ को 'अवैध'?
अदालत का यह फैसला अमेरिकी संविधान में शक्तियों के बंटवारे के एक बुनियादी सिद्धांत पर आधारित है। आइए इसे सरल शब्दों में समझते हैं:
1. राष्ट्रपति बनाम संसद: अमेरिकी संविधान के अनुसार, टैक्स या टैरिफ लगाने की शक्ति विशेष रूप से देश की संसद (Congress) के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास ।
2. आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल: ट्रंप ने इन टैरिफ को लागू करने के लिए 1977 के एक कानून, 'अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम' (IEEPA) का सहारा लिया था। यह कानून राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में कुछ विशेष आर्थिक शक्तियां देता है ।
3. कोर्ट का तर्क: 11 जजों की बेंच ने 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि IEEPA कानून राष्ट्रपति को आयात पर नियम बनाने की शक्ति तो देता है, लेकिन यह उन्हें सीधे तौर पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता । कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब संसद ने यह कानून बनाया था, तो उसमें जानबूझकर 'टैरिफ', 'शुल्क' या 'टैक्स' जैसे शब्दों को शामिल नहीं किया था, ताकि राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित रखा जा सके ।
4. निचली अदालत के फैसले पर मुहर: इस फैसले के साथ ही अपीलीय अदालत ने इसी साल मई में 'यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड' द्वारा दिए गए फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें ट्रंप के टैरिफ को गैर-कानूनी बताया गया था ।
हालांकि, अदालत ने स्टील और एल्युमीनियम जैसे कुछ आयातों पर लगाए गए क्षेत्रीय शुल्कों को कानूनी माना, क्योंकि वे एक अलग कानून के तहत लगाए गए थे ।
अब आगे क्या होगा? भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा?
यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अब यह मामला अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में जाएगा, जहां अंतिम फैसला होगा। अपीलीय अदालत ने अपने फैसले को तत्काल लागू करने से रोक दिया है। ये टैरिफ 14 अक्टूबर, 2025 तक लागू रहेंगे, ताकि ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय मिल सके ।
इस फैसले से भारत समेत दुनिया के अन्य देशों को तत्काल कोई राहत नहीं मिलेगी। भारतीय उत्पादों पर लगा 50% तक का भारी टैरिफ फिलहाल जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला न केवल इन टैरिफ का भविष्य तय करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि भविष्य में कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किस हद तक कर सकता है । माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट अक्टूबर के पहले हफ्ते से इस मामले पर सुनवाई शुरू कर सकता है ।
यह मामला अब सिर्फ एक व्यापारिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति और संसद की शक्तियों के बीच संवैधानिक संतुलन की एक महत्वपूर्ण परीक्षा बन गया है।
MA