चंडीगढ़ में कैब पर रोक से मोनोपॉली का डर और रोज़ी-रोटी का संकट
बाबूशाही नेटवर्क
चंडीगढ़, 22 सितंबर, 2026: चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उबर (Uber), ओला (Ola), इनड्राइव (inDrive) और रैपिडो (Rapido) जैसे बड़े प्राइवेट राइड-हेलिंग प्लेटफ़ॉर्म के लाइसेंस सस्पेंड करने से रोज़ाना सफ़र करने वाले लगभग 1,00,000 लोग मुश्किल में पड़ गए हैं, क्योंकि उनके पास आने-जाने के सीमित विकल्प बचे हैं। साथ ही, हज़ारों ड्राइवरों की कमाई पर तुरंत असर पड़ा है।
ये लाइसेंस 'चंडीगढ़ मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स, 2025' का पालन न करने के आरोप में सस्पेंड किए गए थे। ये नियम किराए, ड्राइवर की ट्रेनिंग और गाड़ी के इंश्योरेंस से जुड़े हैं। फ़िलहाल सिर्फ़ 'भारत टैक्सी' को ही चलने की इजाज़त है, इसलिए इस कदम से बाज़ार में एकाधिकार (मोनोपॉली) बनने और कुछ ही कंपनियों के हावी होने की चिंता बढ़ गई है।
गाड़ी के लोन, ईंधन के खर्च और परिवार की ज़रूरतों के बोझ तले दबे ड्राइवरों ने इस रोक को तुरंत हटाने की मांग करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया है। वहीं, प्रभावित एग्रीगेटर्स ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क किया है और कहा है कि ज़रूरी नियमों का पालन कर लिया गया है। ड्राइवर और कंज्यूमर एडवोकेट, दोनों ही अधिकारियों से तेज़ी से समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि नियमों को लागू करने का मकसद सबको बराबरी का मौका देना होना चाहिए, न कि कॉम्पिटिशन को खत्म करना।
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