Himachal Pradesh: Padmshri Award : बिलासपुर के प्रो. (डॉ.) प्रेम लाल गौतम को मिलेगा पद्मश्री, कृषि विज्ञान के क्षेत्र में देश को दिया अतुलनीय योगदान
शशिभूषण पुरोहित
बिलासपुर, 25 जनवरी 2026 :
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के लिए गौरव का क्षण है। प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद् और अकादमिक नेतृत्वकर्ता प्रो. (डॉ.) प्रेम लाल गौतम को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन्हें कृषि विज्ञान, पादप आनुवंशिकी, उच्च शिक्षा और संस्थागत नेतृत्व के क्षेत्र में दशकों से किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।
प्रो. (डॉ.) गौतम वर्तमान में बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RPCAU), पूसा के कुलाधिपति (चांसलर) हैं।
नवंबर 2023 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पाँच वर्ष के कार्यकाल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही वे हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी में प्रो-कुलाधिपति (Pro-Chancellor) के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान
12 दिसंबर 1947 को जन्मे प्रो. (डॉ.) प्रेम लाल गौतम देश के उन चुनिंदा कृषि वैज्ञानिकों में शुमार हैं, जिन्होंने नीति निर्माण से लेकर अनुसंधान और अकादमिक प्रशासन तक हर स्तर पर अपनी गहरी छाप छोड़ी है। वे राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) तथा पौध किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण (PPVFRA) के अध्यक्ष रह चुके हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में उन्होंने फसल विज्ञान के उप महानिदेशक और राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBPGR) के निदेशक जैसे अहम दायित्वों का निर्वहन किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वे पादप आनुवंशिक संसाधनों पर अंतरराष्ट्रीय संधि की पाँचवीं शासी निकाय के उपाध्यक्ष रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (NAHEP) की बाह्य सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
शोध, शिक्षा और नवाचार में अमूल्य योगदान
नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) से आनुवंशिकी में एम.एससी. और पीएच.डी. करने वाले डॉ. गौतम एक प्रख्यात आनुवंशिकीविद् और पादप प्रजनक हैं। ब्रेड गेहूं की प्रसिद्ध किस्म UP 262 सहित सोयाबीन, राइसबीन और फॉक्सटेल मिलेट की उन्नत किस्मों के विकास में उनका योगदान भारतीय कृषि के लिए मील का पत्थर माना जाता है।
वे गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GBPUAT) और करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी के कुलपति भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता और शोध के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
सम्मान और उपलब्धियों की लंबी सूची
प्रो. (डॉ.) गौतम को इससे पहले भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है। वर्ष 2025 में उन्हें बेस्ट इंडियन गोल्डन पर्सनैलिटीज़ अवॉर्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा एग्रीकल्चर टुडे और सोसाइटी फॉर मोबिलाइज़ेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट सहित कई संस्थाओं द्वारा उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें डॉ. एस. राधाकृष्णन एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड (2018) मिला, वहीं एसकेयूएएसटी जम्मू और एएनडीयूएटी फैज़ाबाद ने उन्हें मानद डी.एससी. की उपाधि प्रदान की।
जिले और प्रदेश में खुशी की लहर
पद्म श्री सम्मान की घोषणा के बाद बिलासपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है। शिक्षा, कृषि और शोध जगत से जुड़े लोगों ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया है।
इस अवसर पर अभिषेक गौतम सहित पूरे गौतम परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी जा रही हैं। प्रो. (डॉ.) प्रेम लाल गौतम की यह उपलब्धि न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। (SBP)
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